स्वाइन फ्लू पर सीएम योगी का अलर्ट, बोले- लक्षणों को न करें नजरअंदाज, अस्पतालों में पूरी तैयारी के निर्देश
लखनऊ। स्वाइन फ्लू को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि स्वाइन फ्लू से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर उन्हें नजरअंदाज न करें और समय रहते जांच कराएं।
स्वास्थ्य विभाग लगातार रखे निगरानी
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को स्वाइन फ्लू के मामलों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति की प्रभावी मॉनिटरिंग के साथ आवश्यक एहतियाती कदम समय से उठाए जाएं। संबंधित अधिकारी लगातार हालात की समीक्षा करें, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश
सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को भी सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर स्वाइन फ्लू की स्थिति पर नजर रखी जाए। किसी भी क्षेत्र में संदिग्ध मामले सामने आने पर जांच और आवश्यक कार्रवाई में देरी न हो।
अस्पतालों में पर्याप्त तैयारी सुनिश्चित करने को कहा
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी और जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से कहा कि अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं की समीक्षा कर ली जाए, ताकि मरीजों को जरूरत के समय समयबद्ध उपचार मिल सके।
लक्षण दिखें तो समय पर कराएं जांच
सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से स्वाइन फ्लू को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इससे जुड़े लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच कराना जरूरी है। लोगों को किसी तरह की आशंका होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सावधानियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
स्थिति पर प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि स्वाइन फ्लू को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ काम करें। अधिकारियों को स्थिति की प्रभावी मॉनिटरिंग करने के साथ अस्पतालों की तैयारियों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

