काशी विश्वनाथ धाम से जगी पर्यावरण संरक्षण की अलख, श्रद्धालुओं को बांटे गए कपड़े के झोले
वाराणसी। सावन में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में बुधवार को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष जनजागरुकता अभियान चलाया गया। नमामि गंगे की ओर से आयोजित इस अभियान के तहत दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं से सिंगल यूज पॉलिथीन का उपयोग न करने की अपील की गई। पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देते हुए उन्हें कपड़े के झोले वितरित किए गए और दैनिक जीवन में टिकाऊ विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

सावन के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए काशी पहुंच रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने धाम परिसर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। प्रसाद और पूजा सामग्री पॉलिथीन में लेकर आने वाले श्रद्धालुओं को कपड़े के झोले दिए गए तथा उन्हें प्लास्टिक के स्थान पर पर्यावरण अनुकूल सामग्री के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने बताया कि सिंगल यूज पॉलिथीन पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। इसका उपयोग न केवल कूड़े की मात्रा बढ़ाता है, बल्कि नालियों और जलस्रोतों को भी प्रदूषित करता है। श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के साथ-साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। लोगों को कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने और प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने का संदेश भी दिया गया।

नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि बाबा विश्वनाथ की नगरी से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश पूरे देश तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि गंगा और उसके तटों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी दैनिक आदतों में छोटा-सा बदलाव करते हुए सिंगल यूज पॉलिथीन का उपयोग छोड़ दे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।

उन्होंने बताया कि यह अभियान केवल कपड़े के झोले वितरित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत के संकल्प को मजबूत करने का प्रयास भी है। धार्मिक स्थलों से दिया गया यह संदेश समाज के हर वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकता है। अभियान को श्रद्धालुओं ने भी सराहा। उनका कहना था कि कपड़े के झोले का बार-बार उपयोग किया जा सकता है, जिससे पॉलिथीन पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में राजेश शुक्ला, चंद्रजीत विजय, अभिजीत, बडेलाल, नंदिनी सहित नमामि गंगे के स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता अभियान लगातार चलाने की बात कही।

