चोलापुर नरसंहार केस : एक ही परिवार के चार लोगों के हत्यारे को मिली फांसी की सजा, 12 साल बाद आया फैसला
वाराणसी। चोलापुर थाना क्षेत्र के चंदापुर गांव में वर्ष 2013 में हुए सनसनीखेज चार हत्याकांड मामले में वाराणसी की अदालत ने दोषी रविंद्र उर्फ राजू पटेल को फांसी की सजा सुनाई है। करीब 12 साल बाद आए इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है और पूरे इलाके में इस निर्णय की चर्चा है।
अदालत ने सुनाया सख्त फैसला
विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) विनोद कुमार की अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान सभी गवाहों और सबूतों का गहन अध्ययन किया। अभियोजन पक्ष ने यह साबित किया कि आरोपी ने पूरी योजना के तहत इस जघन्य हत्या को अंजाम दिया। अदालत ने इसे समाज के लिए गंभीर खतरा बताते हुए आरोपी को फांसी की सजा सुनाई।
2013 में हुई थी दिल दहला देने वाली वारदात
यह घटना 29 अक्टूबर 2013 की रात की है, जब यूपी जल निगम के पंप ऑपरेटर मोहन प्रसाद जायसवाल, उनकी पत्नी झुना देवी, बेटी पूजा और बेटे प्रदीप की लोहे की रॉड से निर्मम हत्या कर दी गई थी। एक ही परिवार के चार लोगों की इस क्रूर हत्या से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
छोटी बात पर पनपा था विवाद
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी रविंद्र को मोहन प्रसाद से नाराजगी थी। मोहन प्रसाद ने उसे अपने घर के पास शराब पीने, जुआ खेलने और मांसाहार बनाने से मना किया था और इसकी शिकायत उसके पिता से भी की थी। इसी बात से गुस्साए आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
सीढ़ी के रास्ते घर में घुसकर किया हमला
घटना की रात आरोपी सीढ़ी के रास्ते घर में घुसा और लोहे की रॉड से एक-एक कर परिवार के सभी सदस्यों पर हमला किया। इस हमले में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
चश्मदीद गवाह बने अहम कड़ी
मामले में दो चश्मदीद गवाहों की गवाही और पहचान आरोपी के खिलाफ सबसे अहम सबूत साबित हुई। इन्हीं गवाहियों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए यह कड़ा फैसला सुनाया।
परिवार ने जताया संतोष
फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त किया। परिवार के सदस्य अशोक जायसवाल ने कहा कि लंबे इंतजार के बाद उन्हें न्याय मिला है और वे इस फैसले से संतुष्ट हैं।

