बाल श्रम के खिलाफ नन्हे-मुन्नों ने उठाई आवाज, शिक्षा के अधिकार के लिए निकली रैली

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वाराणसी। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर गुरुवार को वाराणसी में एक प्रेरणादायक जागरूकता अभियान देखने को मिला। सामाजिक संस्था ‘डेयर’ की ओर से कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 के बाहर बाल श्रम के खिलाफ एक भव्य रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में बच्चों ने स्वयं आगे बढ़कर समाज को संदेश दिया कि हर बच्चे का अधिकार शिक्षा है, न कि मजदूरी।

रैली में संस्था के अनौपचारिक शिक्षा केंद्रों से जुड़े लगभग 100 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने हाथों में तख्तियां और जागरूकता संदेश लिए हुए थे, जिनके माध्यम से लोगों से बाल मजदूरी समाप्त करने और बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की गई। “बाल श्रम बंद करो”, “हर बच्चे को शिक्षा दो” और “किताबें हैं हमारा अधिकार” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। बच्चों के उत्साह और उनके संदेशों ने राहगीरों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें बाल श्रम जैसी गंभीर सामाजिक समस्या पर सोचने के लिए प्रेरित किया।

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डेयर संस्था वर्ष 2010 से वाराणसी के कैंट, सिटी, काशी, सारनाथ, बनारस और शिवपुर रेलवे स्टेशनों के आसपास रहने वाले जरूरतमंद बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रही है। संस्था विशेष रूप से उन बच्चों के लिए काम करती है जो कूड़ा बीनने, भीख मांगने या अन्य विषम परिस्थितियों में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। संस्था ऐसे बच्चों को खोजकर उन्हें शिक्षा, संरक्षण और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास करती है।

संस्था द्वारा संचालित अनौपचारिक शिक्षा केंद्रों में प्रतिदिन 250 से 300 बच्चे अध्ययन करते हैं। इनमें से योग्य और प्रतिभाशाली बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए विभिन्न विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाता है। अब तक 250 से अधिक बच्चों का स्कूलों में नामांकन कराकर उनके जीवन को नई दिशा दी जा चुकी है।

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कार्यक्रम को सफल बनाने में रेलवे प्रशासन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्टेशन निदेशक, आरपीएफ और जीआरपी अधिकारियों ने सहयोग प्रदान कर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर डेयर संस्था के निदेशक फादर रॉबिन ने कहा कि संस्था का उद्देश्य हर बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाना और उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है।

उन्होंने कहा, “जब बच्चों के हाथों में किताब होगी, तभी देश का भविष्य रोशन होगा। बाल श्रम नहीं, शिक्षा ही हर बच्चे का अधिकार है।” कार्यक्रम में शिशु गृह अधीक्षिका सिस्टर मंजू, संस्था के कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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