वाराणसी के श्रमिकों के बच्चों ने इसरो में देखा चंद्रयान-1 और 3 का लॉन्च पैड, अटल आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों का सपना हुआ साकार

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वाराणसी/श्रीहरिकोटा। योगी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट अटल आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र का शैक्षणिक भ्रमण कर इतिहास रच दिया। निर्माण श्रमिकों के बच्चों ने न केवल चंद्रयान-1 और चंद्रयान-3 के लॉन्च पैड देखे, बल्कि अंतरिक्ष अभियानों को नियंत्रित करने वाले मिशन कंट्रोल सेंटर का भी अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया।

श्रीहरिकोटा में अंतरिक्ष विज्ञान से सीधा साक्षात्कार
वाराणसी के अटल आवासीय विद्यालय से दो छात्र-छात्राएं आंध्र प्रदेश स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के शैक्षणिक भ्रमण पर गए थे। वहां उन्होंने पहला लॉन्च पैड देखा, जहां से चंद्रयान-1 का प्रक्षेपण हुआ था। इसके साथ ही दूसरे लॉन्च पैड का भी अवलोकन किया, जहां से चंद्रयान-3, आदित्य L1, एसएसएलवी, पीएसएलवी और जीएसएलवी जैसे महत्वपूर्ण मिशनों का प्रक्षेपण किया गया।

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छात्रा अपर्णा

विद्यार्थियों ने उस मिशन कंट्रोल सेंटर को भी देखा, जहां से अंतरिक्ष अभियानों की निगरानी और संचालन किया जाता है। इस अनुभव ने उनके मन में विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति गहरी जिज्ञासा और उत्साह पैदा किया।

विद्यार्थियों ने साझा किया अनुभव
कक्षा सात की छात्रा अपर्णा ने बताया कि इसरो तक पहुंचना और देश के बड़े वैज्ञानिकों से मिलना उनके लिए सपने के सच होने जैसा था। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष अभियानों से जुड़ी जानकारी ने उन्हें जीवन भर के लिए प्रेरित किया है। वहीं छात्र श्रेयांश विश्वकर्मा ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालय ने उन्हें बड़ा सोचने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। उन्होंने भविष्य में सेना में जाकर देश सेवा करने की इच्छा व्यक्त की।

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छात्र श्रेयांश विश्वकर्मा

वैज्ञानिकों ने सराहा विद्यालय का प्रयास
इसरो के वैज्ञानिकों ने उत्तर प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण से बच्चों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

अधिकारियों ने बताया बड़ी उपलब्धि
मुख्य विकास अधिकारी वाराणसी प्रखर कुमार सिंह ने कहा कि निर्माण श्रमिकों के बच्चों का इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का भ्रमण करना अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि कम समय में अटल आवासीय विद्यालय ने अपनी अलग पहचान बनाई है।

विद्यालय के प्रिंसिपल सत्येंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि इसरो जैसे केंद्र के प्रत्यक्ष भ्रमण और वैज्ञानिकों से संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को स्पेस साइंस, अंतरिक्ष अन्वेषण, मिसाइल एवं ड्रोन तकनीक जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने की प्रेरणा और सही मार्गदर्शन मिलेगा।

मुख्यधारा से जुड़ रहे श्रमिकों के बच्चे
योगी सरकार की पहल के तहत अटल आवासीय विद्यालय में निर्माण श्रमिकों के गरीब, निराश्रित और बेसहारा बच्चों को सीबीएसई बोर्ड से निशुल्क शिक्षा दी जा रही है। अब इसरो भ्रमण जैसे अवसर उन्हें नई ऊंचाइयों की ओर प्रेरित कर रहे हैं, जिससे वे भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का साहस जुटा सकें।

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