बीएचयू में तेज हुआ ‘चीफ प्रॉक्टर हटाओ’ आंदोलन, एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलपति का पुतला दहन कर जताया विरोध, मांगें नही मानी गईं तो करेंगे भूख हड़ताल 

123
WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। बीएचयू में छात्रों की सुरक्षा, सम्मान, पारदर्शिता और न्याय से जुड़ी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एबीवीपी का आंदोलन मंगलवार को और तेज हो गया। आंदोलन के तहत बीएचयू परिसर में अलग-अलग स्थानों पर कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर छात्रों ने विरोध जताया। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आठ अक्टूबर से छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

एबीवीपी बीएचयू के मुताबिक छात्र पिछले कई दिनों से विभिन्न लोकतांत्रिक एवं रचनात्मक माध्यमों से विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखते आ रहे हैं। ज्ञापन, धरना, मौन प्रदर्शन, ओपन माइक, सुंदरकांड पाठ, भूख हड़ताल, शुद्धि-बुद्धि यज्ञ, शव शैया, प्रतीकात्मक शव यात्रा और पुतला दहन जैसे विभिन्न चरणों में आंदोलन किया जा चुका है। संगठन का कहना है कि इसके बावजूद मांगों पर निर्णायक पहल नहीं होने से आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का निर्णय लिया गया है।

123
मंगलवार को एबीवीपी की विभिन्न इकाइयों ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किया। एसवीडीवी इकाई की ओर से रुइया चौराहा, सामाजिक विज्ञान इकाई ने ब्रोचा चौराहा, कला संकाय इकाई ने भाई लाल चाय, कृषि विज्ञान इकाई ने बॉटनी चौराहा और विधि संकाय इकाई ने छित्तूपुर गेट पर कुलपति का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। वहीं मुख्य इकाई की ओर से विश्वनाथ मंदिर परिसर में पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। संगठन ने परिसर के कुल 10 स्थानों पर प्रतीकात्मक पुतला दहन किए जाने की बात कही।

123

एबीवीपी बीएचयू अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि छात्र कई दिनों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को हुआ पुतला दहन छात्रों के बढ़ते आक्रोश का प्रतीक है। मांगों पर निर्णय नहीं होने पर आठ अक्टूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।

123

एबीवीपी बीएचयू मंत्री अनुराग तिवारी ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा, सम्मान और विश्वविद्यालय में बेहतर एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित कराना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के पास संवाद और समाधान का पर्याप्त अवसर रहा है। अब छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से आठ अक्टूबर से पहले छात्रों के साथ संवाद स्थापित कर 10 सूत्रीय मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है। एबीवीपी ने कहा कि मांगों पर निर्णायक पहल होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

Share this story