मोहनसराय ट्रांसपोर्ट नगर से प्रभावित किसानों को सेन्ट्रल बार अध्यक्ष ने दिया न्याय का भरोसा, किसानों ने अपने खेतों के फूल से किया स्वागत
वाराणसी। मोहनसराय ट्रांसपोर्ट नगर योजना से प्रभावित किसानों के न्याय के लिए सेन्ट्रल बार एसोसिएशन वाराणसी पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी। यह भरोसा नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने मोहनसराय में आयोजित अभिनंदन समारोह के दौरान किसानों को दिलाया। उन्होंने कहा कि न्याय के मंदिर का लोकतांत्रिक प्रतिनिधि होने के नाते न्याय की लड़ाई लड़ना उनका धर्म है और किसान परिवार से होने के कारण वे अन्नदाताओं के वैधानिक हक–अधिकार की लड़ाई में पूरी तरह समर्पित रहेंगे।
किसानों ने खेतों के फूलों से किया भव्य स्वागत
मोहनसराय किसान संघर्ष समिति के तत्वावधान में बैरवन मोहनसराय में नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम का भव्य अभिनंदन किया गया। समिति के संरक्षक विनय शंकर राय ‘मुन्ना’ के नेतृत्व में किसानों ने अपने खेतों से फूल तोड़कर स्वयं माला गूंथी और प्रेम प्रकाश सिंह गौतम को पहनाकर सम्मानित किया। इस आत्मीय स्वागत ने कार्यक्रम को भावनात्मक रंग दे दिया।

कचहरी से मोहनसराय तक विजय यात्रा
नवनिर्वाचित अध्यक्ष की कचहरी मुख्यालय से निकली विजय यात्रा का रास्ते भर जोरदार स्वागत हुआ। चांदपुर में दिलीप मिश्रा, मुढैला में गगन प्रकाश यादव, रोहनिया में सौरभ सिंह, जगतपुर में मनोज सिंह और मोहनसराय में अमलेश पटेल के नेतृत्व में माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। जगह-जगह किसानों और समर्थकों की मौजूदगी ने यात्रा को जनसमर्थन का रूप दिया।
‘अधिवक्ता से पहले किसान का बेटा हूं’
बैरवन मोहनसराय में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने कहा कि वे अधिवक्ता बनने से पहले किसान का बेटा हैं। इसलिए मोहनसराय किसान संघर्ष समिति से जुड़े किसानों की वैधानिक मांगों और अधिकारों के लिए वे हर संवैधानिक मंच पर आवाज उठाएंगे और न्याय दिलाने के लिए सतत प्रयास करेंगे।

सैकड़ों किसानों की रही मौजूदगी
अभिनंदन समारोह और विजय यात्रा में कृपा शंकर राय, राजेश प्रसाद सिंह, अनिल सिंह, अरविन्द सिंह, उदय प्रताप पटेल, रविन्द्र यादव ‘मिल्लू’, मेवा पटेल, रमाशंकर, छोटेलाल, सुजीत, जयप्रकाश, अखिलेश, प्रेम शाह, सौरभ सिंह, रामधनी, दिनेश, रामराज, बब्लू, नीरज, अंशु, रमेश पटेल, विजय सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे। किसानों की व्यापक भागीदारी ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।

