जनगणना-2027 के आंकड़ों से अगले दस वर्षों की बनेंगी योजनाएं, डीएम ने सटीक गणना पर दिया जोर
वाराणसी में 76 फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शुरू, जिलाधिकारी बोले—प्रशिक्षण के बाद किसी कर्मचारी की ड्यूटी न कटे; 16 नवंबर से शुरू होगी स्व-गणना प्रक्रिया
वाराणसी। जनगणना-2027 से प्राप्त आंकड़े राष्ट्र निर्माण और जनकल्याणकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने का आधार बनेंगे। इसलिए जनसंख्या गणना का कार्य पूरी सटीकता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। यह निर्देश जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मंगलवार को सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ हायर तिब्बतन स्टडीज में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के तहत फील्ड ट्रेनर्स के तृतीय एवं चतुर्थ प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन के दौरान दिए।
12 से 14 अक्टूबर तक चलने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, संस्थान की कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा और जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सदानंद गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान फील्ड ट्रेनर्स को जनगणना से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं और प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।

जनगणना को बोझ नहीं, जिम्मेदारी समझें कर्मचारी
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना का महत्व निर्वाचन प्रक्रिया जितना ही है। इससे जुटाए जाने वाले आंकड़ों के आधार पर सरकार अगले दस वर्षों के लिए योजनाएं तैयार करेगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ग्रामीण विद्युतीकरण और शौचालय निर्माण सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में सहायता मिली। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर बेहतर कार्ययोजना बनाने और निर्धारित समयसीमा में गणना पूरी करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि जनगणना के कार्य को बोझ न समझकर अपनी जिम्मेदारी के रूप में पूरा करें। उन्होंने एडीएम को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद सभी आवश्यक सामग्री कार्मिकों को उपलब्ध करा दी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रशिक्षण के बाद किसी कर्मचारी की ड्यूटी नहीं काटी जाए।
स्व-गणना में अधिकाधिक भागीदारी की अपील
जिलाधिकारी ने बताया कि 16 नवंबर से स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने और नवंबर में ही 50 प्रतिशत कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखने पर जोर दिया। उन्होंने प्रथम चरण को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने वाले फील्ड ट्रेनर्स, मास्टर ट्रेनर्स और प्रगणकों की सराहना भी की।
जिला जनगणना अधिकारी सदानंद गुप्ता ने कहा कि जनगणना के आंकड़ों का अंकन पूरी शुचिता, संवेदनशीलता और सटीकता से किया जाना चाहिए। उन्होंने द्वितीय चरण में पूछे जाने वाले सभी 40 प्रश्नों पर भी चर्चा की। संस्थान की कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा ने प्रशिक्षुओं का स्वागत करते हुए जनगणना को राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान बताया। शिविर में 76 फील्ड ट्रेनर्स को मास्टर ट्रेनर्स नरसिंह मौर्य, लालधारी यादव, सुजीत सिंह और चंद्र प्रकाश सिंह प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस अवसर पर जनगणना तकनीकी प्रभारी नीलम, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एमएल सिंह और राजेश सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

