सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में युवा शक्ति का उत्सव : अन्तःसंकाय खेलकूद महोत्सव–2026 में विजेताओं का हुआ सम्मान

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वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित अन्तःसंकाय वार्षिक खेलकूद युवा महोत्सव–2026 के विजेताओं को सोमवार को प्रमाण-पत्र, पदक एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। 11 से 14 फरवरी तक चले इस महोत्सव के समापन अवसर पर योगसाधना केन्द्र में आयोजित गरिमामय समारोह में मुख्य अतिथि महापौर अशोक तिवारी, कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा एवं कुलसचिव राकेश कुमार ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन, मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण, वैदिक एवं पौराणिक मंगलाचरण तथा अतिथियों के सम्मान के साथ हुआ। पूरे समारोह में उत्साह और गौरव का वातावरण दिखाई दिया।

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विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की निर्णायक भूमिका
मुख्य अतिथि महापौर अशोक तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प केवल आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, आधारभूत संरचना, ऊर्जा, सीमा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और खेल के संतुलित विकास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की भावना में युवा शक्ति राष्ट्रनिर्माण का मुख्य आधार है।

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उन्होंने “खेलो इंडिया” जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर दिया है। आज भारतीय खिलाड़ी ओलम्पिक और एशियाई खेलों में देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम है। काशी की ज्ञान-परंपरा और खेल-संस्कृति का समन्वय राष्ट्र को नई दिशा देने में सक्षम है।

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खेल से जीवन मूल्यों का विकास
कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ शारीरिक और नैतिक सुदृढ़ता के लिए भी प्रतिबद्ध है। खेलकूद से अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम-भावना का विकास होता है, जो जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।

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उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि शरीर, मन और चरित्र के संतुलित विकास का माध्यम है। खेल मैदान में अर्जित अनुशासन ही जीवन-पथ पर सफलता का आधार बनता है। उन्होंने विद्यार्थियों से खेल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

व्यक्तिगत प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन
महोत्सव के अंतर्गत गोला फेंक, चक्का फेंक, योगासन, शतरंज और बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन किया।

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गोला फेंक में पुरुष वर्ग में रवि दीक्षित ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि महिला वर्ग में अर्चना मौर्य ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। चक्का फेंक में बृजेश कुमार तिवारी और अर्चना मौर्य अपने-अपने वर्ग में विजेता रहे।

योगासन प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग में राज सिंह और महिला वर्ग में अर्चना मौर्य ने स्वर्ण पदक हासिल किया। शतरंज में पुरुष वर्ग में सनत कुमार और महिला वर्ग में निधि गुप्ता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बैडमिंटन में पुरुष वर्ग में रोहित कुमार मिश्रा और महिला वर्ग में किरण यादव ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

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टीम प्रतियोगिताओं में रोमांचक मुकाबले
कबड्डी प्रतियोगिता में कप्तान रोहित कुमार मिश्रा और उपकप्तान शिवम शुक्ला की टीम विजेता रही, जबकि कप्तान योगेश पांडे की टीम उपविजेता घोषित हुई। वॉलीबॉल में कप्तान आदर्श पांडे और उपकप्तान मयंक पांडे की टीम ने खिताब जीता, जबकि रोहित कुमार मिश्रा और शिवेंद्र द्विवेदी की टीम उपविजेता रही।

विजेता और उपविजेता टीमों को शील्ड प्रदान की गई तथा सभी खिलाड़ियों को पदक एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन
प्रभारी छात्रकल्याण संकायाध्यक्ष डॉ. रविशंकर पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि यह महोत्सव विश्वविद्यालय की खेल-संस्कृति और छात्र-ऊर्जा का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अतिथियों के करकमलों से प्राप्त सम्मान खिलाड़ियों के परिश्रम और समर्पण का प्रतीक है, जो उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. सत्येन्द्र कुमार यादव ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राजकुमार मिश्र ने प्रस्तुत किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।

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