वाराणसी में 30 मई से चलेगा अभियान, नाले-नालियों पर अतिक्रमण होंगे ध्वस्त, अतिक्रमणकारियों से वसूलेंगे जुर्माना
वाराणसी। वर्षा ऋतु की तैयारियों के तहत नगर निगम ने शहर में नालों पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए सख्त रुख अपनाया है। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने निर्देशित किया है कि 30 मई से पूरे शहर में एक वृहद अभियान चलाकर नालों पर किये गए अतिक्रमणों को हटाया जाएगा। साथ ही अतिक्रमणकारियों से जुर्माना वसूला जाएगा और उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
नगर निगम वर्तमान में मानसून से पहले सभी नाले-नालियों की सफाई का कार्य कर रहा है, लेकिन यह पाया गया है कि कई स्थानों पर प्रतिष्ठानों और आम नागरिकों ने नालों पर स्थायी व अस्थायी निर्माण कर अतिक्रमण कर लिया है, जिससे जलनिकासी बाधित हो रही है। ऐसे अतिक्रमणों के कारण बरसात के समय जलभराव और गंदगी की समस्या बढ़ सकती है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए नगर आयुक्त ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।
पिछले दिनों सभी जोनल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अतिक्रमण की पहचान कर सूची तैयार करने और अतिक्रमणकारियों को नोटिस देने के निर्देश दिए गए थे। नगर निगम द्वारा लाउडस्पीकर के माध्यम से भी लोगों को चेताया गया है, इसके बावजूद कई स्थानों पर अतिक्रमण अब भी कायम है। अब इन अतिक्रमणों के विरुद्ध सीधे कार्रवाई की जाएगी।
जोनवार चिह्नित अतिक्रमण
दशाश्वमेध जोन : इस जोन में अशोक नगर, शिवपुरवा, हरीनगर, काशिका तिराहा, रामकटोरा, चेतगंज सब्जी मंडी और श्रीराम होटल के पास नालों पर पक्के निर्माण, सीढ़ियां और दुकानों द्वारा अतिक्रमण किया गया है।
वरुणापार जोन : गणेशपुर, लोढ़ान, और नदेसर वार्ड में कुल 15 स्थानों पर अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। नाले के ऊपर पक्के मकान, दुकानें और अन्य निर्माण कार्य अतिक्रमण की श्रेणी में आते हैं। कई प्रतिष्ठानों जैसे कि ऑटो एसेसरी शॉप, रिटा आइसक्रीम पार्लर, मोबाइल शॉप, और टाटा हाउस द्वारा नालों पर अतिक्रमण किया गया है।
ऋषि मांडवी जोन : नेवादा, तुलसीपुर, कंदवा, करौड़ी और सुसुवाही क्षेत्रों में कई नालों पर अतिक्रमण पाया गया है। अस्पताल, स्कूल और कॉलोनियों के सामने नाले की जगह पर निर्माण कर दिया गया है जिससे जल निकासी की समस्या उत्पन्न हो रही है।
सारनाथ जोन : रमरेपुर, अकथा, पाण्डेयपुर, दीनापुर, और सारनाथ के विभिन्न वार्डों में 8 स्थानों पर नालों पर अतिक्रमण की पहचान की गई है। इनमें से कुछ स्थानों पर लोहे की सीढ़ियां नाले पर लगाई गई हैं तो कहीं नाले के ऊपर दुकानों का संचालन हो रहा है।
रामनगर जोन : यहां 13 स्थानों पर स्थायी और अस्थायी दोनों प्रकार के अतिक्रमण मिले हैं। गोलाघाट, रामपुर और पुराना रामनगर क्षेत्र में टेंट हाउस, चाय दुकानें, फल/सब्जी स्टॉल, होटल और धार्मिक स्थल के समीप नालों पर अतिक्रमण है।
आदमपुर जोन : पीलीकोठी, जैतपुरा क्षेत्र में भी कई दुकानों और गुमटियों द्वारा नाले के ऊपर अतिक्रमण किया गया है। जिनसे हर वर्ष नाले की सफाई में बाधा आती है। चाय की दुकान, भोजनालय, पान की गुमटी, कोल्ड ड्रिंक स्टॉल आदि अतिक्रमण की श्रेणी में आते हैं।

