संत शिरोमणि की जन्मस्थली पहुंचे कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, कार्यक्रम की तैयारी देखी, दिए निर्देश
वाराणसी। भाजपा की ओर से आगामी 28 और 29 जुलाई को संत शिरोमणि गुरु रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर में आयोजित होने वाले दो दिवसीय कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर है। प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने शनिवार को रविदास पार्क पहुंचकर निर्माण कार्यों और कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली और सभी कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री के साथ कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव और रोहनिया विधायक डॉ. सुनील कुमार पटेल भी मौजूद रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने संत शिरोमणि गुरु रविदास की आदमकद प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके समरसता एवं सामाजिक समानता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों ने वित्त मंत्री को पार्क परिसर में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर मंच, पंडाल, बैरिकेडिंग, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, पार्किंग और अन्य जनसुविधाओं का कार्य तेजी से चल रहा है। साथ ही मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास मार्ग, वीआईपी बैठने की व्यवस्था और श्रद्धालुओं के आवागमन की विस्तृत कार्ययोजना भी प्रस्तुत की गई।
सुरेश खन्ना ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयोजन की गरिमा के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और सुव्यवस्थित ढंग से पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। संत रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी की ओर से सीर गोवर्धनपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में देशभर से संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। प्रशासन भी आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर तैयारियों में जुटा हुआ है।
इस आयोजन की एक विशेष पहल के तहत संत रविदास की जन्मस्थली की पावन मिट्टी 131 कलशों में संग्रहित कर विभिन्न क्षेत्रों में भेजी जाएगी। इसका उद्देश्य संत रविदास के समरसता, समानता, सामाजिक न्याय और मानवता के संदेश को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाना है। प्रशासन और आयोजन समिति का दावा है कि 650वीं जयंती का यह आयोजन ऐतिहासिक, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाया जाएगा।

