रोहनिया के अविलेशपुर में अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई, 20 मकानों पर चला बुलडोजर, ग्रामीणों ने किया विरोध, हुई तीखी नोकझोंक
वाराणसी। नगर निगम द्वारा अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को ग्रामीण क्षेत्र रोहनिया के अविलेशपुर गांव में नगर निगम और विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन पर बने करीब 20 अवैध मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती रही।

नगर निगम की टीम जैसे ही बुलडोजर लेकर गांव पहुंची, इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मकानों को गिरते देख स्थानीय महिलाएं बच्चों को गोद में लेकर बुलडोजर के सामने खड़ी हो गईं और कार्रवाई का विरोध करने लगीं। महिलाएं रोती-बिलखती रहीं और अधिकारियों से अपने आशियाने न तोड़ने की गुहार लगाती नजर आईं। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस बल ने महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित हटाकर रास्ता साफ कराया, जिसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।

इस दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई। कई महिलाएं अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाती रहीं और बद्दुआएं देती नजर आईं। महिलाओं का कहना था कि इस कार्रवाई से उनके परिवार सड़क पर आ जाएंगे और उनके सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। एक स्थानीय महिला ने भावुक होकर कहा कि आज 20 परिवारों के घर उजड़ गए हैं और उनके बच्चों का भविष्य अंधकार में चला गया है।

स्थानीय महिला अर्चना ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे चक्काजाम करने को मजबूर होंगी। उन्होंने पुलिस पर भी आरोप लगाए कि जबरन और दबाव बनाकर उन्हें हटाया गया है। महिलाओं का कहना था कि बिना पर्याप्त समय दिए और बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए यह कार्रवाई की गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त और सहायक नगर आयुक्त भी पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाते हुए बताया कि जिस जमीन पर ये मकान बने थे, वह पूरी तरह सरकारी भूमि है। पूर्व में कई बार नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कब्जा नहीं हटाया गया। इसी कारण मजबूरन सख्त कार्रवाई करनी पड़ी।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि नगर निगम और विकास प्राधिकरण द्वारा शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। आगे भी ऐसी कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी और किसी को भी अवैध कब्जे की अनुमति नहीं दी जाएगी।

स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए चार थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात रही। इसमें थाना रोहनिया, अखरी चौकी, चितईपुर थाना और लोहता थाना की पुलिस के साथ अतिरिक्त बल भी शामिल रहा। पुरुषों को पहले ही बैरिकेडिंग के बाहर रोक दिया गया था, जबकि निर्माण सामग्री सहित पूरे अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया।




