किसान दिवस में सिंचाई, फसल बीमा और खाद की व्यवस्था पर मंथन, टेल तक नहर का पानी पहुंचाने के निर्देश

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वाराणसी। किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान और कृषि योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बुधवार को विकास भवन सभागार में किसान दिवस एवं कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) की जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह के निर्देश पर हुई बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) ने की। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एफपीओ प्रतिनिधि और प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।

बैठक में खरीफ सीजन के दौरान सिंचाई के लिए नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से नहरों में समय से पानी पहुंचाने का अनुरोध किया, ताकि किसानों को धान समेत अन्य खरीफ फसलों की रोपाई और सिंचाई में परेशानी न हो। कुछ किसानों ने नहरों में पानी नहीं पहुंचने और कटान की समस्या भी उठाई। इस पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) ने संबंधित विभाग से नहरों के कटान की जानकारी मांगी। स्पष्ट सूचना नहीं मिलने पर उप कृषि निदेशक को क्षेत्रीय कर्मचारियों के माध्यम से नहरों की स्थिति की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

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रबी बीजों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू
उप कृषि निदेशक ने बताया कि रबी सीजन के लिए गेहूं, राई, सरसों, तोरिया, चना और मटर के मिनीकिट एवं सामान्य बीजों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है। किसानों से समय से बीज बुक कराने की अपील की गई, जिससे रबी फसलों की बुवाई के समय बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने बताया कि 16 जुलाई से 10 अगस्त तक 10 हजार रुपये से अधिक अनुदान वाले कृषि यंत्रों के लिए लक्ष्य से अधिक बुकिंग हुई है। ऐसे किसानों के चयन के लिए 21 अगस्त को दोपहर दो बजे विकास भवन सभागार में ई-लॉटरी होगी। संबंधित किसानों से इसमें उपस्थित रहने की अपील की गई।

31 अगस्त तक करा सकेंगे फसल बीमा
बैठक में खरीफ फसल बीमा योजना की जानकारी भी दी गई। धान, मक्का, बाजरा, ज्वार, उर्द, अरहर और मिर्च जैसी अधिसूचित फसलों का बीमा कराया जा सकता है। फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 अगस्त बताई गई। ऋणी किसानों को योजना से बाहर रहने के लिए 24 अगस्त तक अपने बैंक को लिखित सूचना देनी होगी। अन्यथा नियमानुसार प्रीमियम काटकर फसल का बीमा किया जा सकता है। योजना से संबंधित जानकारी और फसल क्षति की सूचना के लिए टोल फ्री नंबर 14447 जारी किया गया है।

खाद की कमी नहीं, एनपीके के इस्तेमाल की सलाह
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले के सभी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। किसानों से धान की रोपाई के दौरान डीएपी के स्थान पर एनपीके उर्वरक के अधिक इस्तेमाल की सलाह दी गई।

उद्यान विभाग ने सब्जी बीज, सिंचाई, कृषि यंत्र, ड्रिप-स्प्रिंकलर, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस, मशरूम, मधुमक्खी पालन और हाईटेक नर्सरी समेत विभिन्न योजनाओं पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी दी। पशुपालन विभाग ने बकरी, भेड़, सूकर और मुर्गी पालन योजनाओं तथा पशुओं के टीकाकरण की जानकारी दी। बीमार पशुओं के उपचार के लिए 1962 एंबुलेंस सेवा का लाभ लेने की अपील की गई।

बैठक में किसानों से उनकी समस्याएं लिखित रूप में देने को कहा गया, ताकि संबंधित विभागों से उनका शीघ्र निस्तारण कराया जा सके। उप कृषि निदेशक ने अधिकारियों को किसानों की शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करने का आग्रह किया। बैठक में कृषि, पशुपालन, सिंचाई, उद्यान, मत्स्य, विद्युत, बैंक, नाबार्ड समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।

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