गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर नाविक समाज अलर्ट, यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम
वाराणसी। काशी में बारिश के चलते गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 60 सेंटीमीटर से अधिक बढ़ने के बाद प्रशासन के साथ-साथ नाविक समाज भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। वर्तमान में गंगा खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

मां गंगा निषाद राज सेवा समिति के कार्यकारिणी सदस्य जितेंद्र कुमार निषाद ने बताया कि गंगा का जलस्तर बीते दो दिनों से लगातार बढ़ रहा है और अब तक करीब साढ़े तीन फीट पानी बढ़ चुका है। ऐसे में घाटों पर आने वाले कांवरियों, श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि समिति की ओर से काशी के सभी 84 घाटों पर नाविकों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी नाविकों को क्षमता से कम यात्रियों को नाव में बैठाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे। इसके अलावा नाव में बैठने वाले प्रत्येक यात्री को लाइफ जैकेट पहनाकर ही नौकायन कराया जा रहा है।

जितेंद्र कुमार निषाद ने कहा कि नाविक समाज पूरी जिम्मेदारी के साथ घाटों पर निगरानी कर रहा है। यदि कोई कांवरिया, श्रद्धालु या अन्य व्यक्ति गंगा में डूबता हुआ दिखाई देता है तो नाविक अपनी जान जोखिम में डालकर भी उसे बचाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। इसके लिए सभी घाटों पर नाविकों को सतर्क रहने और आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

नाविक समाज ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गंगा में अनावश्यक रूप से गहरे पानी में न जाएं तथा नौकायन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें। समिति का कहना है कि प्रशासन और नाविक समाज के संयुक्त प्रयासों से श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

