बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने पीएम के नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा की, बोले- महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि
वाराणसी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने वाराणसी के सर्किट हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को लेकर आयोजित होने वाले ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में पंकज चौधरी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह 17 अप्रैल को संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का विरोध किया गया, उससे महिला समाज में काफी आक्रोश है। उन्होंने दावा किया कि काशी में होने वाला यह महिला सम्मेलन उसी आक्रोश को एक सशक्त संदेश के रूप में सामने लाएगा और विपक्ष को यह एहसास कराएगा कि उसने कितनी बड़ी राजनीतिक भूल की है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास इस ऐतिहासिक विधेयक का समर्थन करने का सुनहरा अवसर था, लेकिन उन्होंने इसे गंवा दिया। पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री के काशी दौरे को भारतीय जनता पार्टी पूरी भव्यता और गौरव के साथ आयोजित करेगी, जिससे देशभर में महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश जाएगा।
पंकज चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम पूरी तरह महिलाओं को समर्पित होगा। इसमें मंच संचालन से लेकर आयोजन की जिम्मेदारियों तक महिलाओं की ही प्रमुख भूमिका रहेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सम्मेलन में 40 से 50 हजार महिलाओं की भागीदारी होगी, जो अपने आप में एक बड़ी संख्या है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि महिलाओं को सम्मान देने और उनके अधिकारों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
वहीं वाराणसी महानगर की कोषाध्यक्ष डॉ अर्चना अग्रवाल ने भी विपक्षी दलों कांग्रेस और सपा पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि इन दलों ने महिलाओं के अधिकारों का विरोध किया है, जबकि भारत की परंपरा सदैव नारी सम्मान की रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे लगातार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने और नीति-निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं।
डॉ अर्चना अग्रवाल ने यह भी कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि सामान्य वर्ग की महिलाएं आगे बढ़ें, क्योंकि इससे उनके परिवारवाद की राजनीति कमजोर हो सकती है। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में समाज के सभी वर्गों की महिलाएं शामिल होंगी और यह प्रदर्शित किया जाएगा कि देश की आधी आबादी प्रधानमंत्री के साथ खड़ी है।

