दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती से अभिभूत हुए बिहार के राज्यपाल सय्यद अता हसनैन, बोले- ‘अद्भुत और अविस्मरणीय अनुभव’
वाराणसी। विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा आयोजित होने वाली दैनिक मां गंगा की भव्य आरती में रविवार शाम बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सय्यद अता हसनैन अपनी पत्नी सबिहा हसनैन के साथ शामिल हुए। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से मां गंगा का पूजन-अर्चन किया और इसके बाद विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती का दिव्य दृश्य देखकर मंत्रमुग्ध हो गए। आरती के दौरान घाट का आध्यात्मिक वातावरण, वैदिक मंत्र, दीपों की अलौकिक छटा और श्रद्धालुओं की आस्था ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया।
गंगा आरती से पहले शंख वादक राम जन्म योगी ने लगातार 7 मिनट 58 सेकंड तक शंखनाद कर अपनी विशेष प्रस्तुति दी। उनका यह लंबा और प्रभावशाली शंखनाद सुनकर राज्यपाल आश्चर्यचकित रह गए। कार्यक्रम के उपरांत उन्होंने स्वयं राम जन्म योगी को माला पहनाकर सम्मानित किया तथा उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए इस प्रस्तुति की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

गंगा सेवा निधि की विजिटर बुक में अपने अनुभव साझा करते हुए राज्यपाल सय्यद अता हसनैन ने लिखा कि, "आज विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती का प्रत्यक्ष दर्शन करना एक अद्भुत अनुभव रहा। इसके बारे में पहले केवल सुन रखा था, लेकिन आज इसे देखकर भगवती मां गंगा के आशीर्वाद की वास्तविक अनुभूति हुई। यह क्षण जीवनभर स्मरणीय रहेगा।" कार्यक्रम के दौरान गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा, कोषाध्यक्ष आशीष तिवारी, सचिव सुरजीत सिंह तथा सचिव हनुमान यादव ने राज्यपाल और उनकी पत्नी का अंगवस्त्र, प्रसाद एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया।
गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि बिहार के राज्यपाल निर्धारित समय से पहले ही दशाश्वमेध घाट पहुंच गए थे और लगभग एक घंटे से अधिक समय तक घाट पर रहकर गंगा आरती की तैयारियों, धार्मिक अनुष्ठानों तथा आध्यात्मिक वातावरण का अवलोकन किया। उनके आगमन को देखते हुए घाट और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

