ऑपरेशन CY-VAJRA की बड़ी सफलता: दो करोड़ से अधिक की साइबर ठगी का भंडाफोड़, अंतरराज्यीय गिरोह के तीन जालसाज गिरफ्तार
वाराणसी। कमिश्नरेट पुलिस के ऑपरेशन CY-VAJRA के तहत रामनगर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विभिन्न राज्यों में करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में प्रयुक्त चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक एटीएम डेबिट कार्ड तथा 24,880 रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
प्रभारी निरीक्षक रामनगर के नेतृत्व में साइबर सेल और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम की तत्परता से 19 जुलाई की रात लंका मैदान, रामनगर से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, 13 जुलाई को म्यूल बैंक खातों के सत्यापन के दौरान एक संदिग्ध खाते से अवैध धन निकासी की जानकारी मिली थी। जांच में पता चला कि उक्त खाते का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन के लिए किया जा रहा था और खाता धारक को इसके एवज में मासिक कमीशन दिया जाता था। मामले में थाना रामनगर पर मुकदमा दर्ज कर साइबर शिकायतों, बैंक खातों, ट्रेसेबिलिटी रिपोर्ट तथा संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच शुरू की गई। सर्विलांस और साइबर विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित मौर्या, निवासी भीटी, रामनगर, धीरेन्द्र लाल बहादुर पाल निवासी नालासोपारा ईस्ट, पालघर (महाराष्ट्र) तथा सोनू कुमार उर्फ भोली निवासी शेखपुरा (बिहार) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद पासबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल नंबर और ओटीपी अपने कब्जे में लेकर उन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन में करते थे। गिरोह विभिन्न राज्यों में खातों का उपयोग करता था ताकि स्थानीय पुलिस आसानी से उनके नेटवर्क तक न पहुंच सके।
साइबर शिकायतों, बरामद मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से लोगों को कॉल कर उनके बैंक खाते और यूपीआई की जानकारी हासिल की तथा विभिन्न तरीकों से करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी को अंजाम दिया। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, म्यूल खाते उपलब्ध कराने वालों तथा ठगी की रकम के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
बरामदगी में रोहित मौर्या के पास से एक एंड्रॉयड मोबाइल और 110 रुपये, धीरेन्द्र पाल के पास से एक एंड्रॉयड मोबाइल और 320 रुपये तथा सोनू उर्फ भोली के पास से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन, बैंक ऑफ महाराष्ट्र का एक एटीएम डेबिट कार्ड और 24,450 रुपये नकद मिले। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और साइबर ठगी के इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

