BHU: पीएचडी प्रवेश परीक्षा में अनियमितता को लेकर छात्रों का प्रदर्शन जारी, स्टूडेंट्स ने किया बुद्धि-शुद्धि यज्ञ

प्रथम दिन बीएचयू प्रशासन से वार्ता विफल रहने के बाद अनिश्चितकालीन छात्रों का धरना प्रारंभ हो गया था। दूसरे दिन सभी छात्र आमरण अनशन और बीएचयू प्रशासनिक अधिकारियों का पुतलादहन किया था। और आमरण अनशन के तीसरे दिन छात्रों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के लिए बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया गया। छात्रों द्वारा शोध प्रवेश परीक्षा में हो रही अधिनियमित को लेकर लगातार उच्च अधिकारियों को ज्ञापन और पत्रक सौपा गया। इसके बाद भी अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुआ। जबकि सभी सक्षम अधिकारियों को हम लोगों ने पत्र दे चुका है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि यह हम सभी छात्रों के खिलाफ अन्यायपूर्ण कार्यवाही हो रही है। जिससे हम सभी छात्रों का जीवन अंधकार मय हो जाएगा। बीएचयू के केंद्रीय कार्यालय पर अनियमितता पूर्ण शोध प्रवेश को लेकर छात्रों ने आमरण अनशन की शुरुआत कर दी हैं। छात्रों ने ऐलान किया है कि जब तक हम लोगों को न्याय नहीं मिल जाता तब तक हम लोग "न पीना पियेंगे न भोजन" करेंगे। छात्रों ने वैदिक मंत्रों के बीच केंद्रीय कार्यालय के मुख्य द्वार पर उन्होंने शुद्धि-बुध्दि यज्ञ किया।
आमरण अनशन कर रहे छात्रों का आरोप है कि सामाजिक विज्ञान संकाय के सामाजिक समावेशन नीति अध्ययन केंद्र का है, जिसमें मुख्य विषय सोशल इनक्लूजन या सब लैटर्न स्टडीज ही था और इसी विषय से एमफिल भी किया है। ऐसे में सब लैटर्न विषय से रेट एंग्जंप्टेड कैटेगिरी और मेन डिसिप्लिन में पीएचडी इंटरव्यू होगा। यानी कि उसे सीधा इंटरव्यू देने का मौका मिलेगा, लेकिन इस सीट पर कई एलाइड विषयों के भी आवेदकों ने मेन डिसिप्लीन में इंटरव्यू दे दिया, जबकि तय हुआ था कि ऐसा नहीं किया जाएगा।
भूख हड़ताल पर बैठे सत्यनारायण ने कहा कि विश्वविद्यालय में आए दिन भ्रष्टाचार, धांधली करते हुए अधिकारी पाए जा रहे हैं। तमाम आरोपों के बाद भी पदों पर बने हुए हैं। निष्पक्ष व साफ प्रवेश करा पाना विश्वविद्यालय के अधिकारियों के एजेंडे में ही नहीं है। श्यामल कुमार ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय पूरी तरीके से भ्रष्टाचार को बढ़ाव दे रहा है।
अनियमितता पूर्ण प्रवेश रोक पाने में विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरीके से असफल रहा है। नियमों को ताक पर रख कर अपने चहेते कैंडिडेट्स को प्रवेश दिलाने के प्रयास में विवि प्रशासन लगा हुआ है। हम लोग चार की संख्या में आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। यह अनशन लगातार जारी रहेगा जब तक हम लोगों को न्याय नहीं मिल जाता।