बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर को मिलेगा नया नेतृत्व, आठ घंटे तक चली चयन प्रक्रिया, 23 वरिष्ठ प्रोफेसरों का हुआ साक्षात्कार

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वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर के दो महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया बुधवार को निर्णायक चरण में पहुंच गई। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (एमएस) और ट्रॉमा सेंटर के प्रोफेसर इंचार्ज पद के लिए विश्वविद्यालय परिसर में करीब आठ घंटे तक साक्षात्कार आयोजित किए गए। दिनभर चली चयन प्रक्रिया में दोनों पदों के लिए कुल 23 वरिष्ठ चिकित्सकों और प्रोफेसरों ने भाग लिया। साक्षात्कार समाप्त होने के बाद विश्वविद्यालय परिसर और चिकित्सा जगत में संभावित चयन को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया, हालांकि देर रात तक प्रशासन की ओर से किसी भी नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई।

बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में वर्तमान में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. के.के. गुप्ता मेडिकल सुपरिंटेंडेंट का दायित्व संभाल रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन इस पद पर आगामी पांच वर्षों के लिए नियमित नियुक्ति करने जा रहा है। इसके लिए पूर्व में विज्ञापन जारी कर पात्र प्रोफेसरों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे।

बुधवार सुबह लगभग नौ बजे चयन प्रक्रिया शुरू हुई। सबसे पहले मेडिकल सुपरिंटेंडेंट पद के लिए 14 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया, जो दोपहर करीब दो बजे तक चला। इसके बाद ट्रॉमा सेंटर के प्रोफेसर इंचार्ज पद के लिए नौ उम्मीदवारों का इंटरव्यू आयोजित किया गया। दोनों चरणों को मिलाकर साक्षात्कार की पूरी प्रक्रिया करीब आठ घंटे तक चली।

साक्षात्कार के दौरान चयन समिति ने अभ्यर्थियों से अस्पताल प्रशासन, स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी संचालन, मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, संसाधनों के कुशल प्रबंधन, आपदा एवं आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा भविष्य की कार्ययोजना जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उम्मीदवारों से यह भी जाना गया कि वे अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर की कार्यप्रणाली को किस प्रकार अधिक आधुनिक, पारदर्शी और मरीज-केंद्रित बना सकते हैं।

मेडिकल सुपरिंटेंडेंट पद के लिए कुल 14 अभ्यर्थियों ने दावेदारी पेश की। इनमें आईएमएस-बीएचयू के 13 वरिष्ठ प्रोफेसर तथा एम्स नई दिल्ली के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की प्रोफेसर डॉ. शिल्पा शर्मा शामिल रहीं। उम्मीदवारों में पूर्व मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, पूर्व डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी प्रोफेसर और विभिन्न विभागों के अनुभवी चिकित्सक भी शामिल थे।

एमएस पद के दावेदारों में न्यूरोलॉजी, जनरल मेडिसिन और जनरल सर्जरी विभाग से दो-दो प्रोफेसर, जबकि आर्थोपेडिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, जेरियाट्रिक मेडिसिन, नेफ्रोलॉजी तथा बायोकेमिस्ट्री विभाग से एक-एक वरिष्ठ प्रोफेसर ने साक्षात्कार दिया। वहीं ट्रॉमा सेंटर के वर्तमान प्रभारी प्रोफेसर सौरभ सिंह ने भी प्रोफेसर इंचार्ज पद के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत की।

चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीएचयू परिसर, चिकित्सकों और मेडिकल समुदाय के बीच संभावित नियुक्तियों को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चयन समिति की संस्तुतियों और आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद ही नियुक्ति संबंधी आदेश जारी किए जाएंगे।

सर सुंदरलाल अस्पताल पूर्वांचल के साथ-साथ बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाले लाखों मरीजों के लिए प्रमुख उपचार केंद्र है। वहीं ट्रॉमा सेंटर गंभीर दुर्घटनाओं और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए क्षेत्र का सबसे महत्वपूर्ण संस्थान माना जाता है। ऐसे में इन दोनों शीर्ष पदों पर होने वाली नियुक्तियां अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और भविष्य की कार्यप्रणाली को नई दिशा देने वाली मानी जा रही हैं। अब सभी की निगाहें बीएचयू प्रशासन के आधिकारिक निर्णय पर टिकी हैं।

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