बीएचयू ने बदली नियुक्ति प्रक्रिया, ईसी की मौजूदगी में खुला सीलबंद लिफाफा, कृषि विज्ञान संस्थान को मिला नया निदेशक
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में बुधवार को कार्यकारिणी परिषद (एक्जीक्यूटिव काउंसिल-ईसी) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें कृषि विज्ञान संस्थान के नए निदेशक की नियुक्ति को अंतिम मंजूरी प्रदान की गई। बैठक के दौरान नियुक्ति से संबंधित सीलबंद लिफाफा परिषद के सदस्यों की उपस्थिति में खोला गया और चयनित अभ्यर्थी के नाम पर औपचारिक मुहर लगाने के बाद नियुक्ति की घोषणा की गई। हाल के दिनों में नियुक्ति प्रक्रियाओं को लेकर उठे सवालों के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया।
एलडी गेस्ट हाउस में हुई बैठक, ऑनलाइन भी जुड़े सदस्य
कार्यकारिणी परिषद की बैठक एलडी गेस्ट हाउस में आयोजित की गई। इसमें कई सदस्य प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे, जबकि कुछ सदस्यों ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियुक्ति प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को परिषद की निगरानी में पूरा कराया, ताकि निर्णय प्रक्रिया पर किसी प्रकार का विवाद या सवाल खड़ा न हो।
पिछले विवाद के बाद बदली नियुक्ति की कार्यप्रणाली
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बार नियुक्ति प्रक्रिया में विशेष सावधानी बरती। इससे पहले कुलसचिव (रजिस्ट्रार) की नियुक्ति के दौरान कार्यकारिणी परिषद के कई सदस्यों ने आपत्ति जताई थी। सदस्यों का कहना था कि इंटरव्यू के दिन ही परिणाम घोषित करने और परिषद की औपचारिक सहमति से पहले नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने में अनावश्यक जल्दबाजी दिखाई गई थी।
इन्हीं आपत्तियों के बाद प्रशासन ने नियुक्तियों में कार्यकारिणी परिषद की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया। इसी क्रम में कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक की नियुक्ति के लिए अलग से आपात बैठक बुलाई गई और परिषद की सहमति के बाद ही सीलबंद लिफाफा खोला गया।
8 जुलाई को चिकित्सा अधीक्षक पद के लिए होगा साक्षात्कार
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि 8 जुलाई को सर सुंदरलाल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) पद के लिए साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा। इस नियुक्ति प्रक्रिया में भी कार्यकारिणी परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति संबंधी सीलबंद लिफाफा परिषद के सदस्यों की उपस्थिति और सहमति से ही खोला जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
31 दिनों में दूसरी ईसी बैठक, नियमित बैठकों पर जोर
पिछले 31 दिनों के भीतर यह कार्यकारिणी परिषद की दूसरी बैठक रही। पिछली बैठक में परिषद ने हर तीन महीने पर नियमित रूप से ईसी की बैठक आयोजित करने पर सहमति जताई थी। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि नियमित बैठकों से शैक्षणिक और प्रशासनिक निर्णय समयबद्ध तरीके से लिए जा सकेंगे, एक बैठक पर अत्यधिक एजेंडा का बोझ नहीं पड़ेगा और विभिन्न नियुक्तियों तथा नीतिगत मामलों में कार्यकारिणी परिषद की प्रभावी सहभागिता सुनिश्चित होगी।
बीएचयू में हाल के दिनों में नियुक्तियों को लेकर उठे विवादों के बीच इस आपात बैठक को संस्थागत प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

