बीएचयू के सहायक प्रोफेसर के क्रेडिट कार्ड से 29 हजार की ठगी, जांच में जुटी पुलिस
वाराणसी। बीएचयू के विधि संकाय में सहायक प्रोफेसर डॉ. गुरविंदर सिंह साइबर ठगी के शिकार हो गए। साइबर अपराधियों ने उनके क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर करीब 29 हजार रुपये का अनधिकृत लेनदेन कर लिया। रविवार को मोबाइल पर रकम कटने का संदेश मिलने के बाद उन्हें इसकी जानकारी हुई। पीड़ित ने तत्काल बैंक को सूचना देने के साथ लंका थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मोबाइल पर संदेश आने से हुई जानकारी
डॉ. गुरविंदर सिंह के अनुसार, उन्होंने अपने क्रेडिट कार्ड से करीब 29 हजार रुपये के किसी भी भुगतान की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद उनके कार्ड से लेनदेन कर लिया गया। रविवार को मोबाइल पर रकम कटने का संदेश पहुंचने के बाद उन्हें खाते से पैसे निकलने की जानकारी हुई। उन्होंने तत्काल बैंक से संपर्क कर अनधिकृत लेनदेन की शिकायत की और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। इसके बाद लंका थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया।
लेनदेन के माध्यम का पता लगा रही पुलिस
शिकायत के आधार पर लंका पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्रेडिट कार्ड से रकम किस माध्यम से खर्च की गई और लेनदेन कहां से हुआ। इसके लिए संबंधित बैंक से लेनदेन का विवरण और अन्य जरूरी जानकारियां जुटाई जा रही हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्रेडिट कार्ड की जानकारी साइबर अपराधियों तक कैसे पहुंची और उसका किस तरह दुरुपयोग किया गया।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच
पुलिस लेनदेन से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। बैंक से मिलने वाले विवरण के आधार पर भुगतान की कड़ियों को जोड़ने और आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद ही ठगी के तरीके और इसमें शामिल लोगों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
संदिग्ध लेनदेन पर तत्काल सूचना देने की अपील
इस घटना ने एक बार फिर डिजिटल लेनदेन में सतर्कता की जरूरत को सामने ला दिया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि क्रेडिट कार्ड या बैंक खाते से किसी भी अनधिकृत लेनदेन का संदेश मिलने पर तत्काल संबंधित बैंक को सूचना दें। साथ ही पुलिस अथवा साइबर अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

