BHU परिसर में बच्चे को कुत्ता काटने की घटना का बीएचयू प्रशासन ने लिया संज्ञान, जांच शुरू 

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वाराणसी। बीएचयू परिसर में कुत्ते के हमले में बच्चे के गंभीर रूप से घायल होने की घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन सक्रिय हो गया है। मामले को संज्ञान में लेते हुए विश्वविद्यालय के मुख्य आरक्षाधिकारी कार्यालय ने घटना की पड़ताल शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से घटना की परिस्थितियों और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

घटना के बाद घायल बच्चे को तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी स्थिति का परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। अस्पताल में बच्चे का समुचित उपचार किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए बच्चे के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

विश्वविद्यालय की ओर से बताया गया कि परिसर में इस प्रकार की घटना को गंभीरता से लिया गया है। मुख्य आरक्षाधिकारी कार्यालय की ओर से घटना की जांच की जा रही है। जांच के दौरान घटना किस स्थान पर और किन परिस्थितियों में हुई, इसके अलावा परिसर में पशुओं के प्रबंधन से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है।

पशु प्रबंधन व्यवस्था की होगी समीक्षा
घटना के बाद परिसर में आवारा एवं अन्य पशुओं के प्रबंधन को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई तेज की जा रही है। विश्वविद्यालय के मुख्य आरक्षाधिकारी कार्यालय और संपदा कार्यालय के बीच समन्वय स्थापित कर इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य भविष्य में इस तरह की घटनाओं की आशंका को कम करना और परिसरवासियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परिसर में पशुओं के नियमानुसार प्रबंधन के लिए नीति पहले से अधिसूचित है। इसके तहत पशुओं के पंजीकरण और टीकाकरण समेत विभिन्न आवश्यक प्रावधान निर्धारित किए गए हैं। प्रशासन की ओर से इन प्रावधानों के अनुपालन को सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
BHU प्रशासन ने कहा कि परिसर में रहने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की सुरक्षा एवं सुविधा विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सुरक्षित और संरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रशासन के अनुसार, घटना की जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। विश्वविद्यालय ने संकेत दिया कि पशु प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

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