BFA प्रवेश में गड़बड़ी का आरोप, छात्रों ने BHU सेंट्रल ऑफिस का किया घेराव, आंदोलन की दी चेतावनी
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स (BFA) की प्रवेश प्रक्रिया को लेकर छात्रों ने सोमवार को विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र सेंट्रल ऑफिस पहुंचे और परिसर में धरना देकर प्रवेश प्रक्रिया में कथित अनियमितता की निष्पक्ष जांच की मांग की। छात्र हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी करते रहे और प्रशासन से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि BFA की प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थियों को कथित रूप से अधिक अंक दिए गए। छात्रों के अनुसार, प्रैक्टिकल में मिले अंकों का सीधा असर मेरिट और अंतिम चयन पर पड़ा है। इसी वजह से उन्होंने प्रवेश प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
छात्रों की प्रमुख मांग है कि BFA प्रैक्टिकल परीक्षा में अभ्यर्थियों को दिए गए अंकों की विस्तृत जांच कराई जाए। इसके साथ ही अंक देने के लिए निर्धारित मानकों और अंतिम मेरिट सूची तैयार करने की प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाए। छात्रों का कहना है कि प्रैक्टिकल परीक्षा से लेकर अंतिम चयन तक पूरी प्रक्रिया की जांच होने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच कमेटी से संतुष्ट नहीं छात्र
मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जांच के लिए कमेटी गठित किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इसे पर्याप्त नहीं माना। उनका कहना है कि जांच केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए, बल्कि निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आरोपों की पड़ताल की जानी चाहिए।
छात्रों ने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता प्रमाणित होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके मुताबिक प्रवेश प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी होने से योग्य अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
सोमवार तक का दिया अल्टीमेटम
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को सोमवार तक का समय दिया। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि तय समय में उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और व्यापक करेंगे। छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि BFA प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित कराने के लिए है।

