बंगाल की परियोजनाओं से काशी के जल परिवहन को बड़ा लाभ, जलमार्ग से व्यापार और उद्योग को नई गति

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वाराणसी। प्रधानमंत्री द्वारा रविवार को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के सिंगूर में 830 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण किए जाने का असर काशी तक दिखाई देगा। जलमार्ग, बंदरगाह और रेलवे से जुड़ी इन अहम परियोजनाओं से राष्ट्रीय जलमार्ग-1 को मजबूती मिलेगी, जिसका सीधा लाभ वाराणसी को एक प्रमुख जल-व्यापार केंद्र के रूप में मिलेगा।

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) वाराणसी के निदेशक संजीव शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय जलमार्ग-1 के सशक्त होने से काशी की कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक क्षमता में बड़ा सुधार होगा। वाराणसी से हल्दिया तक फैले इस जलमार्ग पर बंगाल में विकसित की जा रही बालागढ़ एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम, आधुनिक बार्ज टर्मिनल और बेहतर ड्रेजिंग सुविधाएं माल ढुलाई को और सुगम बनाएंगी।

इन परियोजनाओं के पूरा होने से वाराणसी से हल्दिया तक जलमार्ग के जरिए माल भेजना अधिक आसान, तेज और किफायती हो जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार जलमार्ग से माल ढुलाई की लागत सड़क और रेल परिवहन की तुलना में लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक कम होती है। इससे वाराणसी के स्थानीय उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। खासतौर पर हैंडलूम, लकड़ी, पीतल उद्योग, कृषि उत्पाद और निर्माण सामग्री को बड़े बाजारों तक पहुंचने में सहूलियत होगी।

वाराणसी में आईडब्ल्यूएआई द्वारा रामनगर क्षेत्र में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब का निर्माण किया जा रहा है। बंगाल में जलमार्ग की आधारभूत संरचना के मजबूत होने से यह टर्मिनल और अधिक प्रभावी रूप से कार्य करेगा। यह मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क वाराणसी को जल, रेल और सड़क परिवहन से सीधे जोड़ने का काम करेगा। विशेषज्ञों की मानें तो इन विकास परियोजनाओं से न केवल काशी का व्यापार बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

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