मानसून से पहले नगर निगम सख्त, खुले और क्षतिग्रस्त मैनहोल पर होगी जवाबदेही तय, लापरवाही पर नपेंगे अफसर
वाराणसी। मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), जलकल विभाग, नगर निगम के मुख्य अभियंताओं तथा नगर स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि शहर में यदि कोई खुला, टूटा या क्षतिग्रस्त मैनहोल अथवा गली पिट पाया गया और उसके कारण कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त ने सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले मैनहोल, गली पिट और ड्रेनेज कवरों का तत्काल व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। सर्वे के दौरान जहां भी कवर टूटे, क्षतिग्रस्त या गायब मिले, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल बदलने या मरम्मत कराने को कहा गया है। साथ ही सभी विभागों को कार्य पूरा होने के बाद विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट नगर निगम को उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया है, जिसकी समीक्षा आगामी कार्यकारिणी समिति की बैठक में की जाएगी।
यह निर्णय 27 जून को हुई नगर निगम कार्यकारिणी समिति की बैठक में उठाए गए मुद्दों के बाद लिया गया। बैठक में सदस्यों ने चिंता जताई थी कि बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव होने से खुले या टूटे मैनहोल दिखाई नहीं देते, जिससे आम लोगों के साथ गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा खुले मैनहोल ड्रेनेज और सफाई व्यवस्था के सुचारु संचालन में भी बाधा उत्पन्न करते हैं।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही के कारण कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी व्यक्तिगत जवाबदेही तय करते हुए तत्काल कार्रवाई की जाएगी। आदेश की प्रतिलिपि महापौर, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी तथा सभी जोनल अधिकारियों को भी भेजी गई है। जोनल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित स्थलीय निरीक्षण करें और कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि मानसून शुरू होने से पहले सभी मैनहोल और ड्रेनेज कवर सुरक्षित स्थिति में हों तथा शहरवासियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

