काशी विश्वनाथ धाम में माघ मेला के स्नान पर्वों पर स्पर्श दर्शन पर रोक, भीड़ के मद्देनजर लिया निर्णय 

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वाराणसी। माघ मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए काशी विश्वनाथ धाम में विशेष व्यवस्था लागू की गई है। माघ मेले के पांच प्रमुख स्नान पर्वों पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन पर रोक रहेगी। इन दिनों श्रद्धालुओं को केवल झांकी दर्शन की ही सुविधा दी जाएगी। यह व्यवस्था स्नान पर्व से एक दिन पहले और एक दिन बाद तक प्रभावी रहेगी।

मंदिर प्रशासन के अनुसार माघ मेले के पहले स्नान पर्व से पहले ही श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिली। सोमवार को माघ मेले के प्रभाव के चलते काशी में भारी भीड़ उमड़ी और 19 घंटे के भीतर करीब 2.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया। मंदिर प्रशासन ने बताया कि सुबह से देर रात तक भक्तों की कतारें लगी रहीं और पूरे दिन धाम परिसर श्रद्धालुओं से भरा रहा।

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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अनुसार माघ मेले के दौरान कुल पांच प्रमुख स्नान पर्वों मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा, महाशिवरात्रि और अमावस्या पर यह विशेष नियम लागू रहेगा। इन तिथियों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सुगम आवागमन के लिए स्पर्श दर्शन अस्थायी रूप से बंद रहेगा। हालांकि, श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ के झांकी दर्शन कराए जाएंगे।

मंदिर प्रशासन के अनुसार यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। माघ मेले के दौरान काशी में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान और बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अत्यधिक भीड़ के कारण अव्यवस्था की संभावना रहती है, जिसे रोकने के लिए यह कदम जरूरी माना गया है।

मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी, स्वयंसेवक और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे मंदिर प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सहयोग बनाए रखें। प्रशासन का कहना है कि माघ मेले की अवधि समाप्त होने के बाद सामान्य दिनों में पुनः स्पर्श दर्शन की व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।

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