बाबा बटुक भैरव का हरियाली और जल विहार श्रृंगार, स्वर्ण आसन पर विराजमान होकर बाबा देंगे दर्शन
कमच्छा मंदिर में रविवार को भव्य आयोजन, 51 किलो पंचमेवे से होगा विशेष श्रृंगार, रात में 1008 बत्ती की महाआरती
वाराणसी। प्राचीन श्री बाबा बटुक भैरव मंदिर, कमच्छा में रविवार को बाबा बटुक भैरव का भव्य हरियाली एवं जल विहार श्रृंगार आयोजित किया जाएगा। इस विशेष अवसर पर बाबा स्वर्णमयी आसन पर विराजमान होकर भक्तों को अपने दिव्य बालरूप में दर्शन देंगे। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं।

बाबा के दिव्य श्रृंगार के लिए मंदिर परिसर को फूल-पत्तियों, फलों और बर्फ से आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है। मनोहारी सजावट के बीच बाबा का 51 किलो पंचमेवे से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन की विशेष व्यवस्था की जा रही है।

मंदिर प्रबंधन के अनुसार, रविवार की सुबह पांच बजे बाबा का पंचामृत स्नान कराया जाएगा। इसके बाद मंगला आरती होगी और श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन का क्रम शुरू हो जाएगा। पूरे दिन भक्त बाबा के बालरूप के दर्शन कर सकेंगे।
आयोजन का विशेष आकर्षण रात्रि में होने वाली महाआरती होगी। रात नौ बजे 1008 बत्ती वाले दीपदान और सवा किलो कपूर से बाबा की महाआरती की जाएगी। इस दौरान 51 भक्त डमरू वादन कर बाबा की आराधना करेंगे। डमरू की गूंज और दीपों की रोशनी से मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बनने की उम्मीद है।
मंदिर के महंत राकेश पुरी एवं भास्कर पुरी के दिशा-निर्देशन में आयोजन की तैयारियां चल रही हैं। मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे हरियाली एवं जल विहार श्रृंगार के अवसर पर मंदिर पहुंचकर बाबा बटुक भैरव के दिव्य बालरूप का दर्शन-पूजन करें और पुण्य लाभ अर्जित करें। मंदिर प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

