वाराणसी में आयुष्मान योजना बनी गरीबों का सहारा, लाखों परिवारों को मिला जीवनदान

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वाराणसी में हैं 12,55,309 आयुष्मान कार्ड धारक

वय वंदना कार्ड बनाने में वाराणसी प्रदेश में तीसरे स्थान पर

वाराणसी। गंभीर बीमारियां जब किसी परिवार पर अचानक संकट बनकर आती हैं तो अक्सर आर्थिक तंगी के कारण अपने भी मुंह मोड़ लेते हैं। ऐसे कठिन समय में गरीब और असहाय लोगों के लिए आयुष्मान भारत योजना एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है। मोदी -योगी सरकार  की यह महत्वाकांक्षी पहल लोगों के जीवन को नई दिशा दे रही है। वाराणसी में 12,55,309 आयुष्मान कार्ड धारक हैं। 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों का वय वंदन कार्ड बनाने में वाराणसी प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। 

आयुष्मान योजना सिर्फ स्वास्थ्य योजना नहीं, बल्कि गरीबों के लिए जीवन का संबल बन चुकी है। इस योजना का दायरा लगातार बढ़ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजेश प्रसाद ने बताया कि जिले में अब तक 2,97,787 परिवार योजना से जुड़ चुके हैं, जिनमें कुल 12,55,309 लाभार्थी शामिल हैं। विशेष रूप से 70 वर्ष से अधिक आयु के 71,093 बुजुर्गों को वय वंदन कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है। 

सीएमओ ने जानकारी दिया कि अब तक वाराणसी में आयुष्मान योजना के तहत लाभार्थियों का 5,69,08,06,075 रुपये से उपचार किया जा चुका है। यह राशि इस बात का प्रमाण है कि योजना वास्तव में जरूरतमंदों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। सरकार की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सही नीतियों और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ गरीबों और वंचितों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। आज वाराणसी का हर वह परिवार, जो कभी इलाज के खर्च से डरता था, अब आत्मविश्वास के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा रहा है।


आयुष्मान भारत योजना के जिला सूचना प्रणाली प्रबंधक नवेंद्र सिंह ने बताया कि समग्र आयुष्मान कार्ड निर्माण में वाराणसी प्रदेश में छठे स्थान, जबकि इलाज कराने के मामले में दसवें स्थान पर बना हुआ है। यह आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में लोग इस योजना का लाभ उठाकर बेहतर इलाज प्राप्त कर रहे हैं।

जिले में कुल 235 अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत उपचार की सुविधा उपलब्ध है। इनमें 30 सरकारी और 205 निजी अस्पताल शामिल हैं। इससे गरीबों को नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल पा रहा है, जो पहले केवल बड़े शहरों या महंगे अस्पतालों तक सीमित था।

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