काशी विश्वनाथ मंदिर के स्वर्ण शिखर पर भ्रम फैलाने से बचें : मंदिर न्यास की अपील- विशेषज्ञों की निगरानी में चल रहा संरक्षण कार्य, श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के स्वर्ण शिखर को लेकर उठ रही चर्चाओं के बीच मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से अनावश्यक टिप्पणियों से बचने की अपील की है। मंदिर के सीईओ विश्व भूषण मिश्रा ने स्पष्ट किया कि मंदिर की संरचना पूरी तरह सुरक्षित है और विशेषज्ञों की देखरेख में आवश्यक संरक्षण कार्य लगातार जारी है।
दो बार हो चुका है विशेषज्ञ परीक्षण
मंदिर प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2007 और 2015 में भवन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत परीक्षण कराया जा चुका है। इन परीक्षणों की रिपोर्ट भी सक्षम स्तर पर प्रस्तुत की गई है, जिससे मंदिर की संरचनात्मक स्थिति का आकलन किया गया।
भारी संख्या में श्रद्धालुओं को देखते हुए हो रही कार्रवाई
प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के दर्शन को देखते हुए वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप विशेषज्ञों से सलाह लेकर आवश्यक संरचनात्मक और सुरक्षा संबंधी कार्य किए जा रहे हैं। न्यास का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया सावधानीपूर्वक और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है।
स्वर्ण व मूल्यवान संपत्तियां सुरक्षित अभिरक्षा में
मंदिर न्यास ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 1983 में अधिनियम लागू होने के बाद से मंदिर की सभी स्वर्ण एवं अन्य मूल्यवान संपत्तियां विधिवत पंजिका में दर्ज हैं और सुरक्षित अभिरक्षा में रखी गई हैं।
राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की ली जा रही सलाह
प्राचीन संरचना के संरक्षण को बेहद संवेदनशील कार्य बताते हुए न्यास ने कहा कि मंदिर के मूल स्वरूप को बिना प्रभावित किए संरक्षण किया जा रहा है। इसके लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा रहा है।
श्रद्धालुओं की भावनाओं के प्रति संवेदनशील है न्यास
मंदिर प्रशासन ने कहा कि वह भगवान विश्वनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाओं का पूरा सम्मान करता है। साथ ही सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि मंदिर की गरिमा और प्रतिष्ठा बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी तरह की अफवाहों से बचें।
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