डीआईसी के सहायक प्रबंधक को 5000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा, सतर्कता विभाग की कार्रवाई
वाराणसी। जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र (डीआईसी) में तैनात एक सहायक प्रबंधक को 5000 रुपये की रिश्वत लेते हुए सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद सरकारी कार्यालयों में हड़कंप मच गया। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
शिवपुर क्षेत्र के कादीपुर निवासी अमितेश चौरसिया ने उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक से ऋण लिया था। ऋण से संबंधित सरकारी सब्सिडी प्राप्त करने के लिए उन्हें जिला उद्योग केंद्र से आवश्यक प्रक्रिया पूरी करानी थी। आरोप है कि इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए डीआईसी में तैनात सहायक प्रबंधक श्रीपाल ने 5000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने की सूचना सतर्कता अधिष्ठान को दी। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने पर विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। शुक्रवार को जैसे ही सहायक प्रबंधक ने शिकायतकर्ता से 5000 रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विजिलेंस कार्यालय ले जाया गया, जहां आवश्यक पूछताछ की गई। इसके बाद उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इस कार्रवाई से विभागीय कर्मचारियों में चर्चा का माहौल बना रहा।

