पुलिस के अच्छे कामों की सराहना से बढ़ता है मनोबल : पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल

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वाराणसी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि जब समाज पुलिस के अच्छे कार्यों और उपलब्धियों को खुले मंच से मान्यता देता है, तो इससे पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है और वे और अधिक समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को केवल आलोचना के चश्मे से देखने के बजाय उसके सकारात्मक प्रयासों को सामने लाना समय की आवश्यकता है।

‘पुलिस प्राइड फेलिसिटेशन 2025’ में सम्मानित हुए जांबाज पुलिसकर्मी
शनिवार को पुलिस लाइन्स ऑडिटोरियम में द टाइम्स ऑफ इंडिया और नवभारत टाइम्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘पुलिस प्राइड फेलिसिटेशन 2025’ समारोह में पुलिस आयुक्त ने यह बातें कहीं। इस अवसर पर पुलिसकर्मियों की समर्पण भावना, सेवा और अनुकरणीय उपलब्धियों को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि मीडिया समूह द्वारा यह पहल एक अनोखा और सराहनीय कदम है, क्योंकि यह उस विभाग के कार्यों को पहचान देता है जो अक्सर आलोचनाओं और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करता है।

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जांच प्रक्रिया की जटिलताओं को समझना जरूरी
पुलिस आयुक्त ने कहा कि कई बार अंधे अपराध मामलों में जांच में समय लगने पर पुलिस को निष्क्रिय बताकर निशाना बनाया जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि परिवार के पांच सदस्यों की हत्या जैसे जटिल मामलों में जांच आसान नहीं होती। ऐसे मामलों में हजारों कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को भी यह समझना चाहिए कि न्याय तक पहुंचने की प्रक्रिया धैर्य और सूक्ष्म जांच की मांग करती है।

तकनीक और साइबर अपराधों पर विशेष फोकस
उन्होंने तकनीकी प्रगति के साथ बदलती जांच प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। साइबर धोखाधड़ी जैसे नए अपराधों की चुनौतियों पर बात करते हुए उन्होंने पुलिस बल से नई तकनीकों को सीखने और अपनाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि नई पीढ़ी के पुलिसकर्मी तकनीक के माध्यम से जांच को और अधिक प्रभावी बना सकते हैं।

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43 पुलिसकर्मियों को मिला सम्मान
समारोह के दौरान डीसीपी रैंक से लेकर कांस्टेबल तक कुल 43 पुलिसकर्मियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। उन्हें सर्वश्रेष्ठ जांच, टीम द्वारा कठिन और चुनौतीपूर्ण मामलों के समाधान, सबसे कुशल पुलिस स्टेशन, त्वरित कार्रवाई, साइबर अपराध नियंत्रण, मिशन शक्ति, वर्ष में सर्वाधिक मामलों के निस्तारण, पुराने मामलों के समाधान, असामान्य परिस्थितियों में कर्तव्यनिष्ठा, शहर की सर्वश्रेष्ठ महिला पुलिसकर्मी, सर्वश्रेष्ठ ट्रैफिक पुलिसकर्मी और खेल में उत्कृष्टता जैसे विभिन्न वर्गों में पुरस्कार प्रदान किए गए।

समाज का सहयोग पुलिस के लिए प्रेरणास्रोत
इस अवसर पर सनबीम ग्रुप ऑफ एजुकेशन्स के चेयरमैन दीपक माधोक ने अपने अनुभव साझा करते हुए खाकी में तैनात पुरुषों और महिलाओं को उनकी निस्वार्थ सेवाओं के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि समाज और पुलिस के बीच विश्वास और सहयोग से ही सुरक्षित और सशक्त शहर का निर्माण संभव है।

यह आयोजन न सिर्फ पुलिसकर्मियों के लिए सम्मान का मंच बना, बल्कि समाज और पुलिस के बीच सकारात्मक संवाद और भरोसे को मजबूत करने की दिशा में भी एक अहम कदम साबित हुआ।

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