रामनगर में 25 करोड़ से बनेगा ‘अपना घर आश्रम’, भूमि पूजन के लिए मुख्यमंत्री को दिया आमंत्रण

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वाराणसी। निराश्रित, बेसहारा, मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं जरूरतमंद लोगों के पुनर्वास के लिए कार्यरत अपना घर आश्रम वाराणसी में अपनी सेवाओं का विस्तार करने जा रहा है। रामनगर क्षेत्र में आश्रम की दूसरी शाखा स्थापित की जाएगी, जिसके निर्माण पर लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। करीब दो बीघा भूमि पर बनने वाला यह अत्याधुनिक आश्रम एक हजार लोगों को आश्रय, भोजन, चिकित्सा और पुनर्वास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। परियोजना के भूमि पूजन एवं शिलान्यास के लिए आश्रम के संस्थापक एवं मुख्य ट्रस्टी डॉ. के. निरंजन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मुख्य अतिथि बनने का आमंत्रण दिया है।

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बुधवार को वाराणसी प्रवास के दौरान डॉ. के. निरंजन ने सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने 17 अगस्त को नागपंचमी के अवसर पर प्रस्तावित भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह का औपचारिक निमंत्रण सौंपा। मुलाकात के दौरान आश्रम की वर्तमान गतिविधियों, सामाजिक सेवा के कार्यों और प्रस्तावित नए प्रकल्प की विस्तृत रूपरेखा पर भी चर्चा हुई।

डॉ. के. निरंजन ने बताया कि रामनगर में बनने वाला नया परिसर आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यहां निराश्रित, बेसहारा, मानसिक रूप से अस्वस्थ, वृद्ध एवं सड़क पर जीवनयापन करने वाले लोगों के लिए सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं, मानसिक परामर्श, पुनर्वास और कौशल विकास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उनका कहना है कि आश्रम का उद्देश्य केवल लोगों को आश्रय देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मसम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।

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उन्होंने बताया कि वर्तमान में अपना घर आश्रम में 620 लोगों की देखभाल की जा रही है। यहां उन्हें रहने, भोजन, चिकित्सा और पुनर्वास की समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नए परिसर के शुरू होने के बाद आश्रम की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सकेगी।

डॉ. के. निरंजन ने कहा कि यह परियोजना ‘भिक्षामुक्त काशी’ अभियान को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके तहत घाटों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर रहने वाले बेसहारा लोगों को आश्रम तक पहुंचाकर उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य किया जाएगा।


17 अगस्त को नागपंचमी के अवसर पर प्रस्तावित भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह की तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। यदि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम स्वीकृत होता है तो उनके करकमलों से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ कराया जाएगा। समारोह में जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं, समाजसेवियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रहने की संभावना है। यह परियोजना वाराणसी में सामाजिक सेवा और पुनर्वास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

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