काशी में मकर संक्रांति पर गंगा स्नान को आने वाले श्रद्धालुओं का चाय से होगा स्वागत, ठंड से राहत को अलाव की व्यवस्था
वाराणसी। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गंगा स्नान के लिए काशी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सेवा को लेकर नगर निगम वाराणसी ने इस वर्ष एक अनुकरणीय पहल की है। कड़ाके की ठंड के बीच श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए प्रमुख घाटों पर निःशुल्क गर्म चाय की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही ठंड से राहत पहुंचाने के उद्देश्य से अलाव जलाने की व्यापक तैयारी भी की गई है। खास बात यह है कि यह सेवा कार्य सरकारी खजाने से नहीं, बल्कि महापौर और नगर निगम के अधिकारियों के व्यक्तिगत सहयोग से किया जाएगा।
शनिवार को सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान महापौर अशोक कुमार तिवारी ने मकर संक्रांति की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में उन्होंने बताया कि राजघाट, दशाश्वमेध और अस्सी घाट पर स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सुबह से गर्मागर्म चाय उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि ठंड से राहत मिल सके। इस सेवा अभियान की शुरुआत करते हुए महापौर ने अपने निजी कोष से 5,000 रुपये की सहयोग राशि प्रदान की और अधिकारियों से भी इस पुनीत कार्य में सहभागिता करने का आह्वान किया।
महापौर की इस पहल का नगर निगम के अधिकारियों ने स्वागत किया और कई अधिकारियों ने अपने वेतन व निजी बचत से सहयोग देने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा करना काशी की परंपरा रही है और इस परंपरा को आगे बढ़ाना सभी का दायित्व है। बैठक में महापौर ने निर्देश दिया कि ठंड को देखते हुए केवल घाटों पर ही नहीं, बल्कि उन प्रमुख मार्गों पर भी पर्याप्त संख्या में अलाव जलाए जाएं, जहां से श्रद्धालुओं का अधिक आवागमन रहता है।
उन्होंने कहा कि गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं को ठंड से बचाने के लिए अलाव की व्यवस्था निरंतर बनी रहनी चाहिए। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए घाटों पर पर्याप्त अस्थायी चेंजिंग रूम बनाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही सभी घाटों पर विशेष सफाई अभियान चलाने और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।
महापौर ने कहा कि मकर संक्रांति के अवसर पर देश-विदेश से श्रद्धालु काशी आते हैं। नगर निगम का उद्देश्य है कि उन्हें न केवल स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिले, बल्कि काशी की पारंपरिक अतिथि-सत्कार और सेवा भावना का भी अनुभव हो। बैठक में नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, स्मार्ट सिटी के प्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

