अखिलेश जी! काशी, अयोध्या और मथुरा के मंदिरों में जाने से आपकी कंपकंपी क्यों छूटने लगती है? : ओम प्रकाश राजभर
- अखिलेश यादव के वाराणसी दौरे और काशी विश्वनाथ मंदिर जाने का कार्यक्रम नहीं होने पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पूछा तीखा सवाल
- बोले- 'मस्जिद, मजार और दरगाह में ही क्यों लगता है आपका मन', तुष्टिकरण की राजनीति करने का लगाया आरोप
वाराणसी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के मंगलवार को वाराणसी दौरे से पहले प्रदेश की सियासत गरमा गई है। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने अखिलेश के वाराणसी दौरे के कार्यक्रम में बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन शामिल नहीं होने को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अयोध्या और मथुरा का भी जिक्र करते हुए सपा अध्यक्ष पर धार्मिक स्थलों को लेकर दोहरा रवैया अपनाने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
मित्र अखिलेश यादव जी! आज आप हमारे जिला बनारस पधार रहे हैं, मगर अफसोस कि बाबा विश्वनाथ के दरबार में शीश नवाने की भी आपकी हिम्मत नहीं हो रही। ऐसे ही कुछ दिन पहले अयोध्या गए थे, वहां भी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पास से मुंह घुमाकर निकल गये। मथुरा जाते हैं, लेकिन श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर की तरफ देखने से भी आपकी कंपकंपी छूटने लगती है। अरे मित्र! सावन में तो काशी का यदुवंशी समाज सबसे पहले बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करता है। पिछले साल आपको निमंत्रित भी किया गया था, मगर फिर भी आप न जाने कौन सा बहाना मार के बैठ गये थे। सही कहा गया है कि जब भगवान की आज्ञा होती है तभी इंसान को उनके पावन स्वरूप के दर्शन मिलते हैं। इस लिहाज से तो आपको आत्ममंथन जरूर करना चाहिए, कि क्यों न तो प्रभु श्रीराम, न भगवान श्रीकृष्ण और ना ही समूचे विश्व के नाथ कहे जाने वाले हमारे बाबा विश्वेश्वर ही आपको अपने दरबार में फटकने देना चाहते हैं। न जाने क्यों, आपका मन केवल मस्जिद, मजार, ईदगाह, दरगाह और कब्रिस्तान में ही लगता है। अरे मित्र अखिलेश! इतनी भी तुष्टिकरण वाली राजनीति मत कीजिए कि हिन्दू समाज आपको धिक्कारने लगे। जय भारत, जय श्रीराम, जय परशुराम, जय श्रीकृष्ण, जय महाराजा सुहेलदेव! @yadavakhilesh
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) November 3, 2026
राजभर ने अपने पोस्ट की शुरुआत 'मित्र अखिलेश यादव जी!' के संबोधन से की और लिखा, "आज आप हमारे जिला बनारस पधार रहे हैं, मगर अफसोस कि बाबा विश्वनाथ के दरबार में शीश नवाने की भी आपकी हिम्मत नहीं हो रही।"
'अयोध्या में राम मंदिर से मुंह मोड़ा, मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि से दूरी क्यों?'
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के पिछले दौरों का हवाला देते हुए उनके मंदिर दर्शन को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश अयोध्या गए, लेकिन श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन करने नहीं पहुंचे।
राजभर ने लिखा, "ऐसे ही कुछ दिन पहले अयोध्या गए थे, वहां भी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पास से मुंह घुमाकर गुजर गये। मथुरा जाते हैं, लेकिन श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर की तरफ देखने से भी आपकी कंपकंपी छूटने लगती है।"
कैबिनेट मंत्री ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि आखिर वह काशी, अयोध्या और मथुरा के प्रमुख मंदिरों में दर्शन करने से क्यों बचते हैं। हालांकि, राजभर के ये आरोप उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। संबंधित यात्राओं के दौरान अखिलेश यादव के मंदिर जाने या नहीं जाने के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि इस पोस्ट से नहीं होती।
'सावन में यदुवंशी समाज करता है बाबा विश्वनाथ का पहला जलाभिषेक'
राजभर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में काशी की धार्मिक परंपराओं और यदुवंशी समाज का भी उल्लेख किया।
उन्होंने लिखा, "अरे मित्र! सावन में तो काशी का यदुवंशी समाज सबसे पहले बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करता है। पिछले साल आपको निमंत्रित भी किया गया था, मगर फिर भी आप न जाने कौन सा बहाना मार के बैठ गये थे।"
इस बयान के जरिए राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि यदुवंशी समाज की धार्मिक परंपरा से जुड़े आयोजन का निमंत्रण मिलने के बावजूद वह उसमें शामिल क्यों नहीं हुए।
'भगवान के दर्शन नहीं हो रहे तो आत्ममंथन कीजिए'
कैबिनेट मंत्री ने अपने पोस्ट में धार्मिक मान्यताओं का हवाला देते हुए अखिलेश यादव को आत्ममंथन करने की सलाह भी दी।
राजभर ने कहा कि भगवान के दर्शन उनकी कृपा से ही होते हैं। इसी बात को आधार बनाते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर अखिलेश यादव काशी विश्वनाथ, श्रीराम जन्मभूमि और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन क्यों नहीं कर रहे हैं।
उनकी यह टिप्पणी अखिलेश यादव की धार्मिक आस्था पर सवाल उठाने वाली राजनीतिक बयानबाजी के रूप में सामने आई है।
'मस्जिद, मजार, ईदगाह और दरगाह में ही क्यों लगता है आपका मन?'
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उनके धार्मिक स्थलों पर जाने को लेकर भी तीखी टिप्पणी की।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "न जाने क्यों, आपका मन केवल मस्जिद, मजार, ईदगाह, दरगाह और कब्रिस्तान में ही लगता है।"
राजभर ने आगे कहा कि अखिलेश यादव को अपनी राजनीति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अध्यक्ष एक विशेष राजनीतिक समीकरण को साधने के लिए मंदिरों से दूरी बनाते हैं। हालांकि, यह राजभर का आरोप है और अखिलेश यादव की धार्मिक आस्था या उनके मंदिर दर्शन के पीछे के कारणों का प्रमाण नहीं है।
वाराणसी में साढ़े तीन घंटे रहेंगे अखिलेश, विश्वनाथ मंदिर जाने का कार्यक्रम नहीं
समाजवादी पार्टी के केंद्रीय कार्यालय की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, अखिलेश यादव मंगलवार दोपहर लंका थाना क्षेत्र के सीर गोवर्धन में चंदा यादव के आवास पहुंचकर उनके पति स्वर्गीय राजेश यादव उर्फ नन्हू को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करेंगे। इसके बाद वह सपा युवजन सभा के प्रदेश महासचिव अजय फौजी के आवास और फिर सुंदरपुर में राजेश सिंह के आवास पर जाएंगे। तदुपरांत वह वाराणसी से लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे। सपा के आधिकारिक दौरा कार्यक्रम में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन का उल्लेख नहीं है। इसी को आधार बनाकर राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है।
पहले भी अखिलेश पर राजनीतिक हमले करते रहे हैं राजभर
ओम प्रकाश राजभर हाल के दिनों में अखिलेश यादव पर लगातार राजनीतिक हमले कर रहे हैं। एक नवंबर को दिल्ली में विपक्षी गठबंधन की रैली में अखिलेश की भागीदारी को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए थे। उस दौरान राजभर ने कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी के राजनीतिक संबंधों पर कटाक्ष किया था। अब अखिलेश यादव के वाराणसी दौरे को लेकर राजभर ने धार्मिक स्थलों पर दर्शन के मुद्दे को उठाया है। फिलहाल, राजभर के इस विशेष सोशल मीडिया पोस्ट पर अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

