काशी में गंगा के ऊपर वायुसेना का पराक्रम, राफेल और सुखोई की गर्जना से गूंजा आसमान, कड़ी धूप में भी एयर शो देखने घाटों पर पहुंचे काशीवासी, युवाओं के साथ बच्चों और बुजुर्गों में भी दिखा उत्साह
नमो घाट से अस्सी और रविदास घाट तक दिखा वायुसेना का शौर्य, तेजस के हवाई करतबों ने भरा रोमांच; बच्चों से बुजुर्गों तक में दिखा जबरदस्त उत्साह
विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो ने काशी को रोमांच और देशभक्ति के रंग में रंगा, सुबह से घाटों पर जुटने लगे दर्शक, मोबाइल में कैद किया ऐतिहासिक नजारा
रिपोर्ट - ओमकार नाथ
वाराणसी। गंगा की लहरें, ऐतिहासिक घाट और आसमान में गर्जना करते लड़ाकू विमान...। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में गुरुवार को नजारा कुछ ऐसा ही रहा। भारतीय वायुसेना के ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो ने काशीवासियों में रोमांच और देशभक्ति का नया उत्साह भर दिया। गंगा के ऊपर राफेल, सुखोई और तेजस जैसे लड़ाकू विमानों की उड़ान देखने के लिए नमो घाट से लेकर रविदास घाट और अस्सी घाट तक लोगों की निगाहें आसमान पर टिकी रहीं। कड़ी धूप भी दर्शकों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। बच्चे हों या बुजुर्ग, युवा हों या महिलाएं, हर कोई विमानों के करतब देखने और इस यादगार पल को मोबाइल कैमरे में कैद करने में जुटा रहा।
विमानों की गर्जना सुनते ही घाटों पर मौजूद लोगों की नजरें आसमान की ओर उठ जातीं। तेज गति से गुजरते विमानों को देखकर दर्शक रोमांचित हो उठते। कई जगह लोग परिवार के साथ खड़े होकर हवाई प्रदर्शन का आनंद लेते नजर आए। गंगा के विस्तृत जल क्षेत्र और प्राचीन घाटों की पृष्ठभूमि में भारतीय वायुसेना के विमानों का प्रदर्शन अपने आप में अनूठा दिखाई दिया। काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के बीच आधुनिक भारत की सैन्य शक्ति की यह झलक लोगों के लिए खास आकर्षण बनी।

राफेल-सुखोई की गर्जना से गूंजा गंगा का आसमान
एयर शो में लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन को लेकर लोगों में सबसे अधिक उत्सुकता रही। राफेल, सुखोई-30 और तेजस जैसे विमानों की उड़ान ने दर्शकों को भारतीय वायुसेना की तकनीकी क्षमता, प्रशिक्षण और दक्षता की झलक दिखाई। विमानों की तेज गति और आसमान में उनकी गतिविधियों को देखकर लोग उत्साहित होते रहे। वहीं, सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलिकॉप्टर प्रदर्शन टीम के करतब भी आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहे। एमआई-17 हेलिकॉप्टरों की मौजूदगी ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ाई। गंगा के ऊपर उड़ान भरते विमानों को देखने के लिए लोग लगातार उनकी दिशा में नजरें टिकाए रहे।

सुबह से घाटों पर जुटने लगे दर्शक
एयर शो देखने के लिए लोग सुबह से ही गंगा किनारे पहुंचने लगे थे। नमो घाट से लेकर रविदास घाट और अस्सी घाट तक लोगों की आवाजाही बनी रही। जैसे ही आसमान में विमानों की आवाज सुनाई देती, लोग उन्हें देखने के लिए आसमान की ओर देखने लगते। विमान नजर आते ही मोबाइल फोन से तस्वीरें और वीडियो बनाने का सिलसिला शुरू हो जाता। बच्चे अपने अभिभावकों के साथ विमानों को पहचानने की कोशिश करते नजर आए। युवाओं में भी इस आयोजन को लेकर खास उत्साह रहा। कई लोगों के लिए गंगा के ऊपर लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन देखना पहला अनुभव था। दर्शकों ने इसे काशी के लिए यादगार पल बताया।

गंगा और ऐतिहासिक घाटों के बीच अनूठा नजारा
काशी के घाट आमतौर पर गंगा आरती, धार्मिक अनुष्ठानों और नौकायन के लिए पहचाने जाते हैं। गुरुवार को इन्हीं घाटों के ऊपर भारतीय वायुसेना के विमानों की गर्जना ने शहर को एक अलग रंग में रंग दिया। एक ओर गंगा की लहरें थीं तो दूसरी ओर आसमान में उड़ान भरते लड़ाकू विमान। इस दृश्य ने आयोजन को विशिष्ट बना दिया। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजन बच्चों और युवाओं को भारतीय वायुसेना की भूमिका, जवानों के अनुशासन और देश की रक्षा में उनके योगदान को समझने का अवसर देते हैं। सैन्य शौर्य को करीब से देखने का यह अनुभव लोगों में राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को भी मजबूत करता है।
25 अक्टूबर के मुख्य प्रदर्शन को लेकर उत्सुकता
‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो को लेकर काशी में 22 से 25 अक्टूबर तक विशेष उत्साह बना हुआ है। निर्धारित कार्यक्रमों और अभ्यास के बीच 25 अक्टूबर को होने वाले मुख्य प्रदर्शन को लेकर लोगों की निगाहें टिकी हैं। दर्शकों को उम्मीद है कि मुख्य आयोजन में लड़ाकू विमानों और प्रदर्शन टीमों के करतब आकर्षण का केंद्र बनेंगे। एयर शो से शहर में पर्यटकों और दर्शकों की आवाजाही भी बढ़ी है। गंगा के घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह आयोजन एक अलग अनुभव लेकर आया है। हालांकि, दर्शकों को कार्यक्रम के समय और निर्धारित स्थानों के संबंध में प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन सतर्क
एयर शो के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। जारी निर्देशों के अनुसार, 22 से 25 अक्टूबर तक गंगा में नौकाओं के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा नमो घाट के पांच किलोमीटर के दायरे में ड्रोन उड़ाने पर भी रोक लगाई गई है। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य हवाई प्रदर्शन के दौरान विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और गंगा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। दर्शकों से सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश नहीं करने की अपील की गई है।
सैन्य शौर्य और आध्यात्मिक नगरी का संगम
गुरुवार को गंगा के ऊपर भारतीय वायुसेना के प्रदर्शन ने काशीवासियों को एक अलग अनुभव दिया। एक ओर प्राचीन घाटों की सांस्कृतिक विरासत थी तो दूसरी ओर आधुनिक लड़ाकू विमानों का पराक्रम। कड़ी धूप में भी आसमान निहारते लोगों का उत्साह इस आयोजन के आकर्षण को बयां कर रहा था। ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो ने काशी में सैन्य शौर्य, तकनीकी क्षमता और देशभक्ति का संदेश दिया। अब लोगों की उत्सुकता 25 अक्टूबर को होने वाले मुख्य प्रदर्शन को लेकर और बढ़ गई है। गंगा के ऊपर गूंजती विमानों की गर्जना और घाटों पर उमड़ता जनउत्साह इस आयोजन को काशी के लिए यादगार बना रहा है।






