वाराणसी में एयर शो से पहले गंगा के ऊपर वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने भरी उड़ान, घाटों पर हुई हवाई रिहर्सल
- नमो घाट पर 22, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित एयर शो की तैयारियां तेज, रविदास घाट समेत कई घाटों के ऊपर दिखा वायुसेना का हेलीकॉप्टर
- राफेल, तेजस, जगुआर और सूर्य किरण एरोबैटिक टीम के प्रदर्शन की तैयारी, 25 अक्टूबर को मुख्य समारोह प्रस्तावित
वाराणसी। काशी के आसमान में भारतीय वायुसेना के शौर्य और पराक्रम का प्रदर्शन देखने से पहले शनिवार को गंगा घाटों के ऊपर हवाई गतिविधियां देखने को मिलीं। नमो घाट पर प्रस्तावित भव्य एयर शो की तैयारियों के बीच भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने रविदास घाट सहित गंगा के विभिन्न घाटों के ऊपर उड़ान भरकर हवाई रिहर्सल की। आसमान में हेलीकॉप्टर की गतिविधियां देखकर घाटों पर मौजूद लोगों की निगाहें उसकी ओर टिक गईं। भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में प्रस्तावित इस आयोजन को लेकर प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां भी तेज हो गई हैं।
रविदास घाट समेत कई घाटों के ऊपर हुई हवाई रिहर्सल
शनिवार को भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने गंगा के ऊपर हवाई अभ्यास किया। रविदास घाट और आसपास के घाटों के ऊपर हेलीकॉप्टर की उड़ान ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
प्रस्तावित एयर शो से पहले इस तरह के अभ्यास के जरिए उड़ान क्षेत्र और हवाई गतिविधियों से जुड़ी व्यवस्थाओं को परखा जा रहा है। आयोजन के दौरान गंगा के ऊपर वायुसेना के लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों का प्रदर्शन प्रस्तावित है।
राफेल और स्वदेशी तेजस समेत कई विमान दिखाएंगे दम
भारतीय वायुसेना के प्रस्तावित एयर शो में राफेल और स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस प्रमुख आकर्षण हो सकते हैं। इसके अलावा जगुआर लड़ाकू विमान, सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और रुद्र हेलीकॉप्टर सहित अन्य विमानों के प्रदर्शन की भी योजना बताई जा रही है।
सूर्य किरण एरोबैटिक टीम अपने सामूहिक उड़ान कौशल और सटीक तालमेल के लिए प्रसिद्ध है। वहीं, राफेल और तेजस जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों के हवाई करतब दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण होंगे। हालांकि, विमानों की अंतिम सूची आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार ही स्पष्ट होगी।
22, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम, दो घंटे चलेगा मुख्य प्रदर्शन
नमो घाट पर भारतीय वायुसेना का हवाई प्रदर्शन 22, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित है। कार्यक्रम के अनुसार मुख्य हवाई प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से दो बजे के बीच आयोजित किए जाने की योजना है।
25 अक्टूबर को मुख्य समारोह प्रस्तावित है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, दोनों अतिथियों के आगमन की आधिकारिक पुष्टि अभी अपेक्षित है।
लाखों दर्शकों की संभावना, सुरक्षा और यातायात पर विशेष जोर
एयर शो को देखने के लिए वाराणसी सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभाग सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन की तैयारियों में जुटे हैं।
नमो घाट सहित आसपास के गंगा घाटों, प्रमुख सड़कों और संपर्क मार्गों पर भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन और पार्किंग की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। इसके अलावा आपातकालीन सेवाओं, चिकित्सा सुविधाओं और गंगा में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं।
विमानों से पक्षियों की टक्कर रोकने के लिए विशेष सतर्कता
एयर शो के दौरान विमानों की सुरक्षा को देखते हुए पक्षियों से टकराव की आशंका कम करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए आयोजन स्थल के आसपास साफ-सफाई और खाद्य अपशिष्ट के उचित निस्तारण की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान आसपास के 20 से 30 किलोमीटर के दायरे में मांस-मछली की दुकानों को बंद रखने संबंधी निर्देशों की भी चर्चा है। हालांकि, इस प्रतिबंध के दायरे, अवधि और प्रभावित क्षेत्रों को लेकर आधिकारिक आदेश की पुष्टि अभी आवश्यक है।
काशी के घाटों पर दिखेगा वायुसेना का शौर्य
धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए विश्व प्रसिद्ध काशी में गंगा के ऊपर भारतीय वायुसेना का प्रस्तावित एयर शो विशेष आकर्षण बनने जा रहा है। इस आयोजन में आधुनिक लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों की उड़ान के जरिए वायुसेना की क्षमता और कौशल का प्रदर्शन किया जाएगा।
फिलहाल शनिवार को हुई हेलीकॉप्टर की हवाई रिहर्सल के साथ एयर शो की तैयारियां और तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में हवाई अभ्यास और सुरक्षा संबंधी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

