BHU में कृषि उद्योग प्रदर्शनी में पहुंचे कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, किसानों को तिलहन और दलहन की खेती अपनाकर आय बढ़ाने को किया प्रेरित 

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वाराणसी। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान द्वारा आयोजित दो दिवसीय कृषि उद्योग प्रदर्शनी एवं किसान मेले ‘विकसित कृषि, समर्थ भारत’ कार्यक्रम में भाग लिया और किसानों को संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक, शोधार्थी और छात्र मौजूद रहे।

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कृषि मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य गेहूं, धान और गन्ने के उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। हालांकि, उन्होंने किसानों से अपील की कि अब उन्हें पारंपरिक फसलों के साथ-साथ तिलहन और दलहन की खेती की ओर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।

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कृषि मंत्री ने कहा कि भारत को अभी भी खाद्य तेल और दलहन की बड़ी मात्रा विदेशों से आयात करनी पड़ती है। यदि किसान इन फसलों के उत्पादन को बढ़ाते हैं तो इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और विदेशों में जाने वाला पैसा देश के किसानों के पास आएगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और देश की कृषि व्यवस्था भी अधिक मजबूत बनेगी।

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उन्होंने कहा कि आज का समय वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीक का है। इस संदर्भ में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने “जय जवान, जय किसान” के साथ “जय विज्ञान” का नारा देकर देश में विज्ञान और तकनीक को नई दिशा दी थी। आज के दौर में जब सैटेलाइट और अत्याधुनिक तकनीक के आधार पर युद्ध और वैश्विक प्रतिस्पर्धा हो रही है, तब वैज्ञानिक प्रगति का महत्व और भी बढ़ गया है।

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कृषि मंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान” के साथ “जय अनुसंधान” का नारा देकर शोध और नवाचार को और अधिक मजबूती दी है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने हालिया बजट में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए हैं, जिससे कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में नई तकनीकों का विकास हो सके।

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उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए व्यापक सोच और दूरदर्शी नीतियों के साथ काम करना आवश्यक है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में कई नीतिगत सुधार किए गए हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब देखने को मिल रहा है। भारत तेजी से वैश्विक अर्थव्यवस्था में आगे बढ़ रहा है और आज दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुका है।

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मंत्री ने कहा कि एक समय भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में 11वें स्थान पर था, लेकिन अब देश चौथे स्थान तक पहुंच चुका है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को दुनिया की पहली अर्थव्यवस्था बनाना है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य महान शिक्षाविद और मदन मोहन मालवीय के उस विजन के अनुरूप है, जिसमें भारत को ज्ञान, शिक्षा और समृद्धि के मार्ग पर अग्रसर करने की कल्पना की गई थी।

कार्यक्रम के अंत में कृषि मंत्री ने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने, कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने और वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में खेती करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। इसी दिशा में विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो और आने वाले वर्षों में हर किसान की वार्षिक आय लगभग 4000 डॉलर तक पहुंच सके।

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