विरोध के बाद बदला मंदिर का नाम, अब सिंधु गंगेश्वर महादेव होगा नाम, पाकिस्तानेश्वर महादेव नाम पर सिंधी समाज ने जताया था विरोध
वाराणसी। पाकिस्तान के सिंध से लाए गए शिवलिंग की स्थापना के बाद मंदिर के नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद नगर निगम के संज्ञान में पहुंचने के बाद समाप्त हो गया। मंदिर का नाम पाकिस्तानेश्वर महादेव रखे जाने पर सिंधी समाज के लोगों ने आपत्ति जताई थी। विरोध के बाद अब मंदिर का नाम बदलकर सिंधु गंगेश्वर महादेव मंदिर कर दिया गया है। नाम परिवर्तन के बाद सिंधी समाज के लोगों ने खुशी जताई है।
वाराणसी में पाकिस्तान के सिंध प्रांत से लाए गए शिवलिंग की स्थापना कर मंदिर का निर्माण कराया गया था। मंदिर पर पाकिस्तानेश्वर महादेव का फ्लैक्स लगा दिया गया था। नाम सामने आने के बाद सिंधी समाज के लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। समाज के लोगों का कहना था कि मंदिर के नाम में पाकिस्तान शब्द के इस्तेमाल से सामाजिक स्तर पर गलत संदेश जा सकता है।

सिंधी समाज से जुड़े लोगों ने नाम बदलने की मांग को लेकर विरोध जताया था। उनका कहना था कि विभाजन और उससे जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों के कारण नाम को लेकर समाज के लोगों में असहजता है। साथ ही आशंका जताई गई थी कि नाम को लेकर विवाद बढ़ने से क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो सकता है। मामला नगर निगम तक पहुंचने के बाद अधिकारियों ने मंदिर के नाम का संज्ञान लिया। इसके बाद मंदिर का नाम बदलने की प्रक्रिया की गई। अब मंदिर को सिंधु गंगेश्वर महादेव मंदिर के नाम से जाना जाएगा। नाम में बदलाव के बाद सिंधी समाज के लोगों ने इसे सकारात्मक कदम बताया है।
पूर्व पार्षद और सपा नेता शंकर विश्वानी ने मंदिर के नाम को लेकर समाज की आपत्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि सिंधी समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए नाम में बदलाव किया जाना उचित है। उन्होंने कहा कि सिंध से आए शिवलिंग के कारण मंदिर का नाम सिंधु गंगेश्वर महादेव रखा जाना समाज की भावनाओं के अनुरूप है। नाम परिवर्तन के बाद मामले को लेकर चल रहा विरोध समाप्त होने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर भी इसे विवाद को शांत करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

