ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद सक्रिय हुआ नगर निगम प्रशासन, सीर गोवर्धनपुर के खतरनाक गड्ढे के पास की गई बैरिकेडिंग
वाराणसी। सीर गोवर्धनपुर क्षेत्र में सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे और उसमें भरे सीवर के पानी से उत्पन्न खतरे को लेकर ग्रामीणों के विरोध के बाद नगर निगम हरकत में आ गया। स्थानीय लोगों की शिकायतों और प्रदर्शन के बाद निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर गड्ढे के चारों ओर बांस-बल्ली लगाकर बैरिकेडिंग कर दी। इस कदम से फिलहाल दुर्घटना की आशंका कम हुई है, हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान अभी भी बाकी है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क किनारे करीब पांच से छह फीट गहरा गड्ढा लंबे समय से खुला पड़ा था। सीवर का पानी भर जाने से यह गड्ढा दिखाई भी नहीं देता था, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा लगातार बढ़ रहा था। विशेषकर बारिश और रात के समय यहां से गुजरना बेहद जोखिम भरा हो गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था, इसलिए कई बार शिकायत करने के बावजूद जब समाधान नहीं हुआ तो उन्हें विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।
मंगलवार को ग्रामीणों ने गड्ढे और जलजमाव की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया और नगर निगम से तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने के साथ-साथ गड्ढे को भरने तथा सीवर की निकासी की व्यवस्था करने की मांग की। प्रदर्शन के अगले ही दिन नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी। इससे अब लोगों को खतरनाक हिस्से से दूर रखने में मदद मिलेगी और दुर्घटना की संभावना कुछ हद तक कम होगी।
नगर निगम की कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत जताई और टीम का आभार भी व्यक्त किया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल बैरिकेडिंग से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका कहना है कि जब तक गड्ढे को पूरी तरह भरकर सड़क की मरम्मत नहीं की जाती और सीवर के पानी की निकासी नहीं होती, तब तक खतरा बना रहेगा।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया दौरे के दौरान इसी स्थान पर सुरक्षा के लिहाज से अस्थायी बैरिकेडिंग और पर्दा लगाया गया था, ताकि गड्ढा बाहर से दिखाई न दे। लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद बैरिकेडिंग और पर्दा हटा दिया गया, जिससे गड्ढा फिर से खुला रह गया। इसके बाद सीवर का पानी भरने से स्थिति और गंभीर हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के खुले गड्ढे प्रशासन की लापरवाही को दर्शाते हैं। उनका मानना है कि किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। फिलहाल बैरिकेडिंग से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन अब क्षेत्रवासियों की निगाह इस बात पर टिकी है कि नगर निगम गड्ढे को भरने, जलनिकासी की व्यवस्था करने और सड़क को सुरक्षित बनाने का स्थायी कार्य कब तक पूरा करता है।

