वाराणसी में कई दिन की वृद्धि के बाद स्थिर हुईं गंगा, चेतावनी बिंदु से मात्र 1.91 मीटर नीचे जलस्तर, प्रशासन अलर्ट  

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वाराणसी। गंगा के जलस्तर में फिलहाल स्थिरता बनी हुई है। गुरुवार सुबह 10 बजे केंद्रीय जल आयोग के राजघाट स्थित गेज स्थल पर गंगा का जलस्तर 68.35 मीटर दर्ज किया गया। आयोग के अनुसार नदी का रुझान स्थिर है। वहीं, गुरुवार को वाराणसी में बारिश भी दर्ज नहीं की गई। इससे गंगा किनारे रहने वाले लोगों और घाटों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को फिलहाल राहत है।

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केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर और खतरे का निशान 71.262 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर चेतावनी बिंदु से करीब 1.91 मीटर और खतरे के निशान से लगभग 2.91 मीटर नीचे है। ऐसे में फिलहाल गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे बना हुआ है और स्थिति सामान्य है।

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राजघाट पर स्थिर रहा जलस्तर
राजघाट स्थित केंद्रीय जल आयोग के गेज स्थल पर सुबह 10 बजे 68.35 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया। आयोग ने नदी का ट्रेंड स्थिर (Steady) बताया है। इसका मतलब है कि फिलहाल गंगा के जलस्तर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी या गिरावट नहीं हो रही है।

वाराणसी में बारिश नहीं होने से भी जलस्तर में तत्काल किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही सामान्य बनी हुई है और लोग स्नान व पूजा-पाठ कर रहे हैं।

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चेतावनी और खतरे के निशान से नीचे
वाराणसी में गंगा में चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर, खतरे का निशान 71.262 मीटर, उच्चतम बाढ़ स्तर (H.F.L.) 73.901 मीटर है। फिलहाल गंगा चेतावनी बिंदु से करीब 1.91 मीटर और खतरे के निशान से करीब 2.91 मीटर नीचे हैं। एचएफएल से करीब 5.55 मीटर नीचे हैं। 

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घाटों पर फिलहाल सामान्य स्थिति
गंगा का जलस्तर स्थिर रहने से वाराणसी के प्रमुख घाटों पर फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। सावन के अंतिम दिनों में घाटों और आसपास के शिवालयों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। लोग गंगा स्नान के साथ पूजा-पाठ कर रहे हैं।

हालांकि मानसून के दौरान नदी के जलस्तर में अचानक बदलाव की संभावना बनी रहती है। गंगा के ऊपरी हिस्सों में बारिश, सहायक नदियों के जलस्तर और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी का असर वाराणसी में भी पड़ सकता है।

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फिलहाल गंगा चेतावनी और खतरे दोनों के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन केंद्रीय जल आयोग और प्रशासन की ओर से जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। नदी किनारे रहने वाले लोगों और घाटों पर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी जलस्तर में होने वाले बदलाव और प्रशासन के निर्देशों पर ध्यान देने की जरूरत है।

गुरुवार सुबह की स्थिति के अनुसार गंगा 68.35 मीटर पर स्थिर है और तत्काल किसी खतरे के संकेत नहीं हैं। हालांकि मानसून के दौरान मौसम और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों की स्थिति बदलने पर नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव संभव है।

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