रजत मुखौटे पर सजा मौर, भैरवी संग ब्याह रचाने रथ पर सवार होकर निकले बाबा लाट भैरव
बारिश के बीच उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालु बने बाराती, भक्तों की भीड़ से तीन किलोमीटर का रास्ता तय करने में लगे 10 घंटे से अधिक
ढोल-नगाड़े, शहनाई और डमरू नाद के बीच निकली भव्य शोभायात्रा, कपाल मोचन कुंड पहुंची बारात,
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच द्वार-पूजन, परछन और विवाह के अनुष्ठान संपन्न, हजारों श्रद्धालुओं ने उतारी आरती, छतों से हुई पुष्पवर्षा
डमरू दलों के सौ से अधिक सदस्यों ने पूरे मार्ग में किया डमरू नाद, कपाल मोचन कुंड पर भैरवी संग विवाह के वैदिक अनुष्ठान संपन्न
लाट भैरव मंदिर में देर रात तक दर्शन के लिए लगी रही श्रद्धालुओं की कतार, सुरक्षा के लिए बारात मार्ग और मंदिर परिसर में कई थानों की फोर्स रही तैनात
वाराणसी। भगवान इंद्र की जलवर्षा के बीच काशी के आराध्य बाबा लाट भैरव शनिवार को भव्य रथ पर सवार होकर माता भैरवी संग विवाह रचाने निकले तो पूरा क्षेत्र आस्था और उल्लास से सराबोर हो उठा। रजत मुखौटे पर मौर सजाकर बाबा को रथ पर विराजमान कराया गया। ढोल-नगाड़े, शहनाई, बैंड-बाजे और डमरू की मंगल ध्वनि के बीच निकली बारात में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तों की भारी भीड़ के कारण करीब तीन किलोमीटर का बारात मार्ग तय करने में 10 घंटे से अधिक समय लगता है। बारात कज्जाकपुरा स्थित कपाल मोचन कुंड पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह के विभिन्न अनुष्ठान संपन्न कराए गए।

मौर सजाकर रथ पर विराजमान हुए बाबा
बारिश के कारण शाम चार बजे शुभ मुहूर्त में विशेश्वरगंज स्थित इन्ना माई की गली में बाबा लाट भैरव की बारात की तैयारियां शुरू हुईं। आचार्य रविंद्र त्रिपाठी के आचार्यत्व में मुख्य यजमान शहर दक्षिणी विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने वैदिक रीति से पूजन किया। रजत मुखौटे का पंचामृत स्नान और विधिवत श्रृंगार कर मौर धारण कराया गया। इसके बाद बाबा के मुखौटे को भव्य रथ पर विराजमान किया गया।

बारात के शुभारंभ से पहले श्री कपाल भैरव अथवा लाट भैरव प्रबंधक समिति के अध्यक्ष रोहित जायसवाल ने नारियल फोड़कर ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ किया। रथ पर बारात संयोजक विक्रम सिंह राठौर समेत अन्य श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में मौजूद रहे। देव स्वरूपों के साथ हाथी, ऊंट और घोड़े भी शोभायात्रा का आकर्षण बने।

हर तरफ गूंजता रहा डमरू नाद
बारात हरतीरथ, विशेश्वरगंज चौराहा, जतनबर, दूध कटरा, कतुआपुरा, अंबियामंडी, बलुआबीर, हनुमान फाटक और तेलियाना होते हुए नउआ पोखरा स्थित लाट भैरव बाजार पहुंची। यहां कुछ देर विश्राम के बाद यात्रा आगे बढ़ी। डमरू दलों के करीब सौ से अधिक सदस्य मार्गभर डमरू नाद करते हुए चल रहे थे।
बारात के रास्ते में हजारों श्रद्धालु पूजा की थाल, पुष्पहार और राग-भोग लेकर बाबा के दर्शन के लिए खड़े रहे। घरों की छतों और बरामदों से महिलाओं ने पुष्पवर्षा कर बाबा की आरती उतारी। श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से रथ की गति धीमी हो गई।

कपाल मोचन कुंड पर विवाह की रस्में
बारात जलालीपुरा होते हुए कज्जाकपुरा स्थित कपाल मोचन कुंड पहुंची। यहां मुख्य द्वार को केले के खंभों, चौक, मंडप और अन्य मांगलिक प्रतीकों से सजाया गया था। महिलाओं ने मंगल गीत गाए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच द्वार-पूजन, परछन और अन्य वैवाहिक संस्कार पूरे किए गए। भैरवी कूप की पांच परिक्रमा के बाद रजत मुखौटे को बाबा के विग्रह पर धारण कराया गया। विवाह संपन्न होने के बाद ब्रह्ममुहूर्त में मंगला आरती की गई। समिति के मीडिया प्रभारी शिवम अग्रहरि ने बताया कि लाट भैरव विवाहोत्सव काशी की परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मान्यता है कि भाद्र पूर्णिमा के दिन कपाल मोचन कुंड में स्नान और बाबा के दर्शन से भैरवी यातना से मुक्ति मिलती है।

मंदिर में देर रात तक दर्शन को कतार
उधर लाट भैरव मंदिर में शाम से ही श्रद्धालुओं की कतार लग गई। बाबा के विग्रह को दशविध स्नान और रुद्राभिषेक कराने के बाद यौवन स्वरूप मुखौटा धारण कराया गया। रुद्राक्ष, रजत मुंडमाला और बेला, गुलाब व कुंद के पुष्पहारों से श्रृंगार किया गया। गणेश, अष्ट भैरव, मां काली और वाहन स्वान का भी श्रृंगार हुआ।
मंदिर परिसर को भव्य पंडाल से सजाया गया था। एलईडी स्क्रीन पर बारात का सजीव प्रसारण किया गया। श्रद्धालुओं में हलुआ-घुघरी का प्रसाद वितरित हुआ। परिसर के आसपास मेले जैसा माहौल रहा। रामबाग में नगर वधुओं ने भी अपनी प्रस्तुति से बाबा के चरणों में हाजिरी लगाई।

चाक-चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था
विवाहोत्सव को देखते हुए मंदिर से लेकर बारात मार्ग तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही। वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की टीम पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय रही। कार्यक्रम में समिति के उपाध्यक्ष बसंत सिंह राठौर, प्रधानमंत्री मुन्ना लाल यादव, कोषाध्यक्ष छोटन केशरी समेत अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

