सामने घाट में गंगा किनारे अतिक्रमण पर कार्रवाई, अवैध प्लाटिंग और बाउंड्रीवाल ध्वस्त
जल प्रवाह क्षेत्र तक कब्जा कर बना ली गई थीं दीवारें और सीढ़ियां, नगर आयुक्त के निर्देश पर देर शाम तक चला अभियान, कब्जेदारों को खुद अतिक्रमण हटाने की चेतावनी
वाराणसी। गंगा किनारे सरकारी और सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। सामने घाट क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे करीब 35 बिस्वा जमीन पर की गई अवैध प्लाटिंग और बाउंड्रीवाल के खिलाफ नगर निगम की टीम ने बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। जांच में नदी के जल प्रवाह क्षेत्र तक कब्जा कर दीवारें और सीढ़ियां बनाए जाने का मामला सामने आया। नगर निगम की राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की, जो देर शाम तक जारी रही।

नगर निगम को सामने घाट क्षेत्र में गंगा किनारे बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग कर जमीन की घेराबंदी किए जाने की शिकायत मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने राजस्व विभाग की टीम को तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करने और कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि गंगा किनारे की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी गई थी। अतिक्रमण का दायरा नदी के जल प्रवाह क्षेत्र तक पहुंच गया था। यहां सीढ़ियों का भी निर्माण करा लिया गया था।
अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद नगर निगम की टीम ने मौके पर ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। अभियान के दौरान कुछ कब्जेदारों ने खुद ही अतिक्रमण हटाने के लिए समय देने का अनुरोध भी किया। हालांकि नगर निगम की ओर से स्पष्ट किया गया कि सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर किसी भी तरह का अनधिकृत कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सरकारी जमीन और गंगा के प्राकृतिक प्रवाह क्षेत्र में अवैध कब्जों को चिह्नित कर लगातार निगरानी की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध प्लाटिंग, बाउंड्रीवाल निर्माण और सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ बिना किसी दबाव के नियमानुसार कार्रवाई होगी। नगर निगम ने कब्जेदारों से स्वयं अतिक्रमण हटाने की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि अभियान आगे भी जारी रहेगा।

