वाराणसी में नशा पिलाकर दुष्कर्म, धर्म परिवर्तन का दबाव और जबरन देह व्यापार कराने का आरोप : कमिश्नर के आदेश पर FIR, एक आरोपी जेल
वाराणसी। कैंट थाना क्षेत्र की एक गंभीर घटना सामने आई है। पश्चिम बंगाल की एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसे नशीला पदार्थ पिलाकर बलात्कार किया गया, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया, जबरन देह व्यापार कराया गया, अवैध कमाई बैंक खातों में मंगवाई गई, सामान और नकदी चुराई गई तथा धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। दो थानों के चक्कर लगाने के बाद पीड़िता पुलिस कमिश्नर के पास पहुंची। कमिश्नर के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ और एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार पीड़िता मुलाजोर रोड, भाटपारा (जगतदल), उत्तर 24 परगना (पश्चिम बंगाल) की रहने वाली है। शिकायत में उसने बताया कि वह फिलहाल वाराणसी में वाराणसी स्टे नामक होटल में रहती है, जिसके मालिक बंटी हैं।
पीड़िता के अनुसार 28 फरवरी 2020 को वह अपनी सहेली के साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए वाराणसी आई थी। वहां फैज नामक युवक मिला। उसने अपना नाम शनी मिश्रा बताया, किराए का कमरा दिलाने की बात कही और मोबाइल नंबर दिया। इसके बाद दोनों में दोस्ती हो गई।
आरोप है कि फैज ने अपनी वास्तविक पहचान और धर्म छिपाया, छल-कपट से विश्वास में लिया, शादी का वादा किया और पीड़िता को वाराणसी बुलाकर पटेल नगर स्थित होटलों में रखने लगा। इसके बाद धोखे से नशीला पदार्थ और शराब पिलाकर उसकी असहाय स्थिति का फायदा उठाते हुए बिना सहमति के शारीरिक संबंध बनाए गए तथा गुप्त रूप से अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया।
इसके बाद आरोपी ने अपनी असली पहचान और धर्म बताया तथा मुस्लिम धर्म अपनाने के बाद निकाह करने का वादा करते हुए धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। पीड़िता द्वारा विरोध करने पर फैज और उसके भाई इब्राहिम ने अश्लील वीडियो सार्वजनिक करने तथा जान से मारने की धमकी दी और उसे जबरन देह व्यापार में धकेल दिया। होटलों में आने वाले यात्रियों से शारीरिक शोषण कराए जाने का आरोप है। विरोध करने पर कैफ और इब्राहिम मारपीट और अत्याचार करते थे, ऐसा शिकायत में कहा गया है।
पीड़िता ने बताया कि इस अवैध काम से आने वाली सारी धनराशि ग्राहकों से सीधे आरोपी के एसबीआई और उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक खातों तथा क्यूआर स्कैनर पर मंगवाई और खर्च की जाती थी। इतना सब होने के बाद भी आरोपी निकाह का वादा करता रहा और इस काम के लिए नो ऑब्जेक्शन एफिडेविट भी बनवा लिया।
घटना को लेकर पीड़िता ने थाना कैंट और आदमपुर में शिकायत की, लेकिन FIR दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उसने पुलिस कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाई।
कैंट थाना के इंस्पेक्टर राजकिशोर पांडेय ने मीडिया से कहा कि पुलिस कमिश्नर के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच वरिष्ठ उप निरीक्षक राम केवल यादव को सौंप दी गई। एक आरोपी फैज को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अन्य आरोपियों की तलाश और जांच जारी बताई जा रही है।

