बीएचयू में एबीवीपी का धरना छठवें दिन भी जारी, 22 छात्रों ने की सांकेतिक भूख हड़ताल, चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग पर अड़ा संगठन
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रहित, परिसर की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की विश्वविद्यालय इकाई का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को छठवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के दौरान 22 कार्यकर्ताओं और छात्रों ने एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल की। संगठन ने चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा। बीएचयू में यह धरना 23 सितंबर से चल रहा है।
छात्रहित के मुद्दों पर कार्रवाई की मांग
अभाविप कार्यकर्ताओं का कहना है कि छात्रहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। सांकेतिक भूख हड़ताल के माध्यम से छात्रों ने प्रशासन से तत्काल संवाद शुरू करने और उनकी मांगों पर ठोस एवं लिखित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

भगत सिंह की जयंती को समर्पित किया कार्यक्रम
संगठन के अनुसार, शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित सांकेतिक भूख हड़ताल को उनके साहस, संघर्ष और छात्र-युवा चेतना को समर्पित किया गया। छात्रों ने कहा कि भगत सिंह के विचार युवाओं को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देते हैं।
इस्तीफे की मांग पर कायम
अभाविप बीएचयू इकाई के अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि छात्रहित और विश्वविद्यालय की गरिमा से जुड़े विषयों पर संगठन अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए प्रशासन से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की। इकाई मंत्री अनुराग तिवारी ने कहा कि छात्रों की मांगों पर केवल आश्वासन के बजाय स्पष्ट और लिखित कार्रवाई की जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से छात्रों के साथ नियमित संवाद स्थापित करने की मांग की।

आंदोलन में लगातार सामने आ रहे कार्यक्रम
बीएचयू में चल रहे आंदोलन के दौरान अभाविप की ओर से मौन प्रदर्शन, ओपन माइक और सामूहिक सुंदरकांड पाठ समेत विभिन्न कार्यक्रम किए जा चुके हैं। संगठन ने छात्रहित, सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रॉक्टोरियल व्यवस्था में सुधार से जुड़े मुद्दे भी उठाए हैं। एबीवीपी का कहना है कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने तक केंद्रीय कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। वहीं, आंदोलन के बीच प्रशासन और छात्रों के बीच संवाद को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है।

