BHU में एबीवीपी का आंदोलन तेज, पांच छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे, स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी, छात्राओं की सुरक्षा और सड़कों की मरम्मत की मांग
वाराणसी। BHU में छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन तेज होने जा रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। संगठन की ओर से जारी पत्र के अनुसार, पल्लव सुमन, अनुराग तिवारी, पुनीत मिश्रा, सत्यनारायण सिंह और रोहन पांडेय भूख हड़ताल पर बैठेंगे। एबीवीपी का कहना है कि छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
संगठन के मुताबिक, विद्यार्थी पिछले कई दिनों से सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। इसके बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। एबीवीपी ने प्रशासन से विद्यार्थियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की मांग की है।

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
एबीवीपी नेता पुनीत मिश्रा के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर में छात्रावासों के आसपास पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने, संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने और खराब सड़कों की मरम्मत कराने की मांग प्रमुख है। संगठन ने छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ परिसर में पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की नियमित गश्त बढ़ाने की भी मांग की है।
पुनीत मिश्रा का कहना है कि परिसर के कई हिस्सों में पर्याप्त रोशनी नहीं होने से विद्यार्थियों को आवागमन में परेशानी होती है। ऐसे स्थानों को चिह्नित कर प्रकाश की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए। संगठन ने छात्रावासों और विद्यार्थियों की आवाजाही वाले मार्गों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता भी जताई है।
तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग
विश्वविद्यालय परिसर में तेज गति से चलने वाले वाहनों को लेकर भी एबीवीपी ने चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाना चाहिए। इसके लिए वाहनों की गति नियंत्रित करने, नियमित निगरानी और सुरक्षा गश्त बढ़ाने की मांग की गई है।
एबीवीपी ने कहा कि सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर केवल आश्वासन देने के बजाय प्रशासन को समयबद्ध तरीके से आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
12 सितंबर के कार्यक्रम में सभागार आवंटन पर सवाल
आंदोलन के दौरान एबीवीपी ने 12 सितंबर को आयोजित नेहा बोरा के कार्यक्रम के लिए सभागार आवंटन का मामला भी उठाया है। पुनीत मिश्रा ने आरोप लगाया कि सभागार आवंटित करते समय निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उनके अनुसार, आवंटन के लिए संबंधित डीन, विभागाध्यक्ष और समिति की प्रक्रिया पूरी करने के साथ आवश्यक शुल्क जमा कराना होता है।
संगठन ने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्य प्रॉक्टर ने अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करते हुए सभागार आवंटित किया। एबीवीपी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यह स्पष्ट करने की मांग की है कि आवंटन विश्वविद्यालय के निर्धारित नियमों के अनुरूप हुआ था या नहीं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।
मांगों पर कार्रवाई का इंतजार
एबीवीपी ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और सभागार आवंटन से जुड़े सवालों पर प्रशासन को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। पांच छात्रों के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने के ऐलान के बाद आंदोलन को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में आगे की स्थिति पर नजर रहेगी। फिलहाल, छात्रों की मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

