वाराणसी के गोला दीनानाथ में 10 हजार 596 किलो अवैध पटाखा का बड़ा भंडार पकड़ा गया, कारोबारी गिरफ्तार

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वाराणसी। पुलिस कमिश्नरेट के काशी जोन में कोतवाली पुलिस ने अवैध रूप से पटाखा निर्माण सामग्री का भंडारण करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। शहर के प्रमुख कारोबारी इलाके गोला दीनानाथ में दो मकानों पर छापेमारी कर पुलिस ने 105 क्विंटल 96 किलोग्राम यानी 10,596 किलो पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की है। इस मामले में गोदाम संचालक राजेश कुमार गुप्ता उर्फ राजू गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने त्योहारों के मद्देनजर भारी मात्रा में सामग्री का भंडारण किया था, जिसे वह अलग-अलग इलाकों में पटाखा बनाने वालों को बेचता था।

पुलिस की इस कार्रवाई में चारकोल पाउडर, एल्युमिनियम पाउडर, मैग्नीशियम पाउडर, साल्ट पीटर, बोरेक्स, चमकीला पाउडर और पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पलीते समेत कई तरह की सामग्री बरामद हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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गोला दीनानाथ के दो मकानों में छिपाकर रखी गई थी सामग्री
पुलिस उपायुक्त काशी जोन कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गोला दीनानाथ इलाके में स्थित मकान संख्या के. 65/6-ए और के. 65/16 में पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का अवैध भंडारण किया गया है।

सूचना मिलने के बाद कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों स्थानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में बोरियों, प्लास्टिक की पन्नियों, पेटियों और टिन के ड्रमों में रखी विभिन्न प्रकार की सामग्री मिली। पुलिस ने बरामद सामग्री का कुल वजन 10,596 किलोग्राम बताया है। छापेमारी के बाद संबंधित गोदाम के संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

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चेतगंज के हबीबपुरा का रहने वाला है कारोबारी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेश कुमार गुप्ता उर्फ राजू गुप्ता के रूप में हुई है। वह चेतगंज थाना क्षेत्र के हबीबपुरा का निवासी है। उसकी उम्र 39 वर्ष बताई गई है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने आगामी त्योहारों के मद्देनजर पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का भंडारण किया था। वह इस सामग्री को अलग-अलग क्षेत्रों में पटाखा बनाने वालों को बेचता था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने वर्ष 1996 से इस कारोबार से जुड़े होने की बात भी कही है। यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सामग्री किन-किन लोगों को बेची जाती थी और इसकी आपूर्ति कहां से होती थी।

बोरियों और ड्रमों में भरा था हजारों किलो पाउडर
छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में अलग-अलग प्रकार के पाउडर और अन्य सामग्री मिली। बरामदगी के विवरण के अनुसार, चारकोल पाउडर की 51 बोरियों से 2,040 किलो और 47 पन्नियों से 235 किलो सामग्री बरामद हुई। इसके अलावा साल्ट पीटर के अलग-अलग प्रकार की बोरियों में हजारों किलो सामग्री मिली। पुलिस ने सफेद साल्ट पीटर की 36 बोरियों से 1,800 किलो, पीले रंग के साल्ट पीटर की आठ बोरियों से 400 किलो और साल्ट पीटर पाउडर की 33 बोरियों से 1,850 किलो सामग्री बरामद होने की जानकारी दी है। बरामद सामान में 550 किलो मैग्नीशियम पाउडर, 350 किलो चमकीला पाउडर, 245 किलो एल्युमिनियम बुरादा और 550 किलो बोरेक्स पाउडर भी शामिल है। इसके अतिरिक्त एल्युमिनियम पाउडर की बोरियां और ड्रम, सेलखड़ी पाउडर, सेलखड़ी रोल, अम्लसार तथा लाल और सफेद सुरमा भी मिला है।

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तीन पेटियों में मिला पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाला पलीता
पुलिस की बरामदगी में पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाला पलीता भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, तीन पेटियों में रखी इस सामग्री का कुल वजन 171 किलोग्राम है। इसे डेटोनेटर/पलीता के रूप में दर्ज किया गया है। इसके अलावा एल्युमिनियम पाउडर के सात सीलबंद टिन ड्रमों से 329 किलो और एक खुले ड्रम से 21 किलो सामग्री बरामद होने का उल्लेख है। पुलिस की ओर से जारी विवरण में कुल 20 प्रकार की बरामदगी दर्ज की गई है। 

विस्फोटक अधिनियम और BNS के तहत मुकदमा दर्ज
इस मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपी राजेश कुमार गुप्ता उर्फ राजू गुप्ता के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 251/2026 दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, मुकदमा विस्फोटक अधिनियम, 1884 की धारा 5/9B(1)(b) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 288 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। 

डीसीपी काशी जोन के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन के पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने छापेमारी की। 

कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दयाशंकर सिंह के साथ सप्तसागर चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर रवि सिंह, गायघाट चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर अंकित कुमार सिंह, कबीरचौरा चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रशांत गुप्ता और कालभैरव चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर पवन सिंह शामिल रहे। इसके अलावा सब इंस्पेक्टर सुमित पांडेय, हिमांशु कुमार तथा हेड कांस्टेबल संतोष राय, कांस्टेबल शिवाजी चंद्र, आशीष यादव, अमन त्रिपाठी, गोविंद सिंह, गंगाराम, अरुण कुमार व्यास, अरुण कुमार भारती, अभिषेक कुमार, उत्कर्ष कुमार, धर्मेन्द्र कुमार, प्रेमसागर पाल और नरेन्द्र चौहान भी छापेमारी और बरामदगी की कार्रवाई में शामिल रहे। 

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घनी आबादी वाले कारोबारी इलाके में भारी भंडारण से सुरक्षा पर सवाल
गोला दीनानाथ वाराणसी के पुराने और प्रमुख कारोबारी इलाकों में शामिल है। ऐसे इलाके में पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का इतनी बड़ी मात्रा में भंडारण सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठते हैं। पुलिस की कार्रवाई में 105 क्विंटल से अधिक सामग्री बरामद होने के बाद यह जांच का विषय है कि इतनी बड़ी खेप कहां से मंगाई गई थी, इसे किन लोगों को बेचा जाना था और क्या इसके भंडारण के लिए निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था। फिलहाल पुलिस ने गोदाम संचालक को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सामग्री की आपूर्ति और बिक्री से जुड़े नेटवर्क के संबंध में आगे की जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।

Live VNS Desk
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