छित्तूपुर में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा, हाथ जोड़कर भक्तों का स्वागत कर रहीं जया-विजया
अनूठी तकनीक और कलाकारी देखने उमड़ रहे द्धालु, दुर्गा पूजा पंडाल में भक्ति और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम
स्वचालित तरीके से संचालित होते हैं दोनों देवियों के हाथ, अपने आप ऊपर उठकर जुड़ते हैं फिर नीचे आ जाते हैं
प्रतिमाओं की अनूठी बनावट और तकनीकी कलाकारी श्रद्धालुओं को करेगी आकर्षित
वाराणसी। शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा के अवसर पर काशी में सज रहे पूजा पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेंगी। छित्तूपुर क्षेत्र में स्थापित मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा लोगों के बीच विशेष चर्चा का विषय बनी है। यहां मां दुर्गा के साथ उनकी सखियों जया-विजया की अनूठी प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो स्वचालित तरीके से हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का स्वागत कर रही हैं। प्रतिमाओं की यह विशेषता देखने के लिए पंडाल में भक्तों की उत्सुकता बढ़ रही है। छित्तूपुर में नवरात्र के पहले दिन से ही दुर्गा प्रतिमा स्थापित हो जाती है। भक्त नौ दिनों तक माता के दर्शन-पूजन करते हैं।

धार्मिक आस्था और कलात्मकता का संगम
धार्मिक परंपराओं में जया-विजया को मां दुर्गा की प्रमुख सखियों के रूप में स्मरण किया जाता है। पंडाल में मां दुर्गा के साथ इनकी प्रतिमाओं की विशेष प्रस्तुति शक्ति उपासना की परंपरा को आकर्षक रूप दे रही है। कलाकारों ने अपनी कल्पनाशीलता और तकनीकी कौशल के माध्यम से प्रतिमाओं को विशेष रूप प्रदान किया है।

दुर्गा पूजा की रौनक बढ़ा रही अनूठी सजावट
छित्तूपुर का यह पूजा पंडाल धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक तकनीक के प्रयोग के लिए भी चर्चा में है। मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा और जया-विजया के हाथ जोड़कर स्वागत करने का दृश्य श्रद्धालुओं को एक अलग अनुभव दे रहा है। अनूठी सजावट ने क्षेत्र में दुर्गा पूजा के उत्साह और आकर्षण को और बढ़ा दिया है।


