श्री काशी विश्वनाथ धाम में नवरात्रि की सांस्कृतिक संध्या, भक्ति और कला का अद्भुत संगम
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम में चैत्र नवरात्रि के चतुर्थ दिवस पर रविवार को आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा वातावरण प्रस्तुत किया। धाम स्थित शिवार्चनम् मंच पर आयोजित इस कार्यक्रम में संपूर्ण परिसर मां भगवती की आराधना में डूबा नजर आया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठित कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। शहनाई वादक जवाहरलाल ने मधुर सुरों से कार्यक्रम का माहौल भक्तिमय बना दिया, जबकि सुश्री शिवानी शुक्ला और श्रीमती अर्चना महेस्कर ने भजन गायन के माध्यम से भक्ति रस की अविरल धारा प्रवाहित की। बेंगलुरु की नृत्योदय अकादमी के कलाकारों ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर सांस्कृतिक रंग बिखेरे, वहीं श्री शेर सिंह के पचरा गायन ने लोक परंपरा की झलक पेश की।

सांस्कृतिक संध्या के दौरान कलाकारों को सेकंड-इन-कमांड सीआरपीएफ के आलोक कुमार और श्रीमती रिंकू जी द्वारा माला एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं दर्शनार्थी उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। प्रशासन और मंदिर न्यास की ओर से सभी इंतजाम सुव्यवस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ।

मंदिर न्यास द्वारा इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से सनातन परंपराओं, आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने और आगे बढ़ाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। यह सांस्कृतिक संध्या काशी की जीवंत परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का एक यादगार प्रतीक बन गई।


