हरिश्चंद्र घाट पर बनेगी 100 फीट ऊंची आधुनिक चिमनी, राख और धुएं की नहीं होगी समस्या
वाराणसी। हरिश्चंद्र महाश्मशान घाट पर शवदाह के दौरान उड़ने वाली राख और धुएं की समस्या को दूर करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। यहां निर्माणाधीन अत्याधुनिक शवदाह गृह की चिमनी की ऊंचाई अब बढ़ाकर 100 फीट कर दी गई है, ताकि दाह संस्कार के समय निकलने वाली राख आसपास के क्षेत्रों में न फैल सके। इस परियोजना को पर्यावरण संतुलन और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है।
पहले प्रस्तावित चिमनी की ऊंचाई कम थी, लेकिन स्थानीय लोगों और पर्यावरण विशेषज्ञों की आपत्तियों के बाद इसमें संशोधन किया गया। अब चिमनी को 100 फीट ऊंचा बनाया जा रहा है, जिससे धुआं और राख सीधे ऊपर जाकर वातावरण में सुरक्षित रूप से विलीन हो सके। अधिकारियों का कहना है कि इससे घाट परिसर और आसपास की बस्तियों में रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि यह शवदाह गृह अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित होगा और इसमें विशेष फिल्टर सिस्टम लगाया जाएगा। इस सिस्टम के माध्यम से हानिकारक कणों और राख को नियंत्रित किया जाएगा। चिमनी के निर्माण में विशेष सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे इसकी मजबूती और दीर्घायु सुनिश्चित हो सके।
बताया गया है कि इस शवदाह गृह के निर्माण पर करीब 1.23 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह कार्य इस साल के अंत तक पूरा होने की संभावना है। परियोजना को जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की निगरानी में पूरा किया जा रहा है। इसके अलावा, शवदाह गृह तक पहुंच को भी बेहतर बनाया जा रहा है। सड़क मार्ग से शवदाह स्थल तक 1.8 मीटर चौड़ा रास्ता बनाया जा रहा है, ताकि शव वाहन और परिजन आसानी से आ-जा सकें। अधिकारियों का कहना है कि सभी मानकों का पालन करते हुए निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

