सिपाही ने लेखपाल को जड़े थप्पड़, काशी विश्वनाथ धाम में लगे पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे

viswanath dham

वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम में शुक्रवार को एक लेखपाल को सिपाही ने कई थप्पड़ जड़ दिये। इससे नाराज मंदिर प्रशासन के कर्मचारी, सेवादार और पुजारी लामबंद हो गये और मंदिर परिसर स्थित चौक में धरने पर बैठकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। धाम के जिस कारीडोर में हर-हर महादेव के उद्घोष गूंजते थे आज वहा पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे गूंज रहे थे। बाद में मामले की जांच कराकर कार्रवाई के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।

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बताया जाता है कि लेखपाल अपने करीबियों को दर्शन कराने ले जा रहा था। लेखपाल जिस प्वांइंट से अंदर जा रहा था वहां खड़े सिपाही ने उससे दूसरे प्वाइंट से जाने को कहा। इसी बात पर विवाद हुआ। आरोप है कि सिपाही ने लेखपाल को थप्पड़ जड़ दिए। इससे नाराज होकर मंदिर प्रशासन के कर्मचारी, सेवादार और पुजारी विश्वनाथ धाम में धरने पर बैठ गए और पुलिस-प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। मामला बिगड़ता देख पुलिस और मंदिर प्रशासन के अधिकारी पहुंचे। कर्मचारियों को समझाया और आरोपित सिपाही पर कार्रवाई के आश्वासन पर सभी शांत हुए और धरना खत्म हो गया। इस घटनाक्रम को लेकर विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन करने आए श्रद्धालु भी हैरान थे। 

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कर्मचारियों के अनुसार लेखपाल रामदास अपने करीबियों को दर्शन-पूजन कराने ले जा रहा था। वह एंट्री प्वाइंट से प्रवेश न करके एग्जिट प्वाइंट से जा रहा था। वही मौजूद सिपाही ने उसे एग्जिट प्वाइंट से प्रवेश करने से रोका और दूसरे प्वाइंट से जाने की सलाह दी। बताया जाता है कि रामदास ने सिपाही की बात मान ली थी और दूसरे प्वाइंट की ओर जा रहा था। तभी सिपाही ने आवेश में रामदास को कई थप्पड़ रसीद कर दिये। जब रामदास ने मंदिर के अन्य कर्मचारियों से शिकायत की तो सभी नाराज हो गये। उनका कहना था कि आयेदिन पुलिसकर्मी कर्मचारियों से बदसलूकी करते हैं। इसके बाद सभी कर्मचारी धाम के चौक में आकर पुलिस और प्रशासन विरोधी नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों का कहना था कि जब लेखपाल रामदास ने सिपाही की बात मान ली थी तो सिपाही ने उसे क्यों मारा?

नारेबाजी सुनकर पहुंचे मंदिर प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि जांच कराई जा रही है। जांच में सिपाही का दोष उजागर होने पर पुलिस अफसरों को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। पुलिस की ओर से भी अलग से जांच कराई जा रही है। 

उधर, लेखपाल ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी को दिये प्रार्थना पत्र में कहा है कि सिपाही अपने दस लोगों को बिना टिकट के प्रवेश करा रहा था। पूछने पर उसने उसे दौड़-दौड़ाकर पीटा। इसके अलावा उसने यह भी बताया कि पिछले दिनों एक दरोगा ने महिला दर्शनार्थी को पीटा था। इससे पहले भी एक कर्मचारी से पुलिस ने दुर्व्यवहार किया था। 
 

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